shani pooja for mangal dosh

तिथि : प्रतिपदा नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि 9.25 तक, इसके बाद द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि है। यदि समयादि शुद्ध हो तो कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा व द्वितीया तिथियों में सभी शुभ व मांगलिक कार्य, विवाह, वास्तु, यात्रा, प्रवेश, पौष्टिक व प्रतिष्ठादिक कार्य शुभ होते हैं। पर अभी अधिकमास में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं है। नक्षत्र: ज्येष्ठा ‘तीक्ष्ण व तिङ्र्यंमुखÓ संज्ञक नक्षत्र अंतरात्रि 3.12 तक, इसके बाद मूल ‘तीक्ष्ण व अधोमुखÓ संज्ञक नक्षत्र है। ज्येष्ठा व मूल दोनों ही गंडान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है। अत: इन नक्षत्रों में जन्मे जातकों के संभावित अरिष्ट निवारण की दृष्टि से आगे 27 दिन बाद जब इन्हीं नक्षत्रों की पुनरावृत्ति हो, उस दिन शांति कराना हितकर होगा। योग: सिद्ध नामक नैसर्गिक शुभ योग सायं 5.27 तक, इसके बाद साध्य नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: यमघंट नामक अशुभ योग अंतरात्रि 3.12 से अगले दिन सूर्योदय तक है। यमघंट नामक योग में विशेषत: यात्रादि शुभ नहीं होती। करण: बालव नामकरण प्रात: 8.37 तक, इसके बाद कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 9.01 तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न 10.43 से दोपहर 12.24 तक शुभ तथा अपराह्न 3.48 से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: गण्डमूल संपूर्ण दिवारात्रि है। इन नक्षत्रों में जन्मे जातकों की मूल शांति करानी चाहिए। ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: यूरेनस अंतरात्रि 5.10 पर अश्विनी नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश करेगा। चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि 3.12 तक वृश्चिक राशि में, इसके बाद धनु राशि में रहेगा। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार वृश्चिक राशि के चन्द्रमा का वास उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख होगा। जो उत्तर दिशा की यात्रा में लाभदायक ही है। राहुकाल: दोपहर 12.00 से दोपहर बाद 1.30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (नो,या,यी,यू,ये) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। अंतरात्रि 3.12 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृश्चिक तथा इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि धनु है। इनका जन्म ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक प्रतिभाशाली, ऐश्वर्यवान, बुद्धिमान, चतुर, होशियार, बहुमित्रों वाले, कला के शौकीन, छिद्रान्वेषी, कामलोलुप, पर भाग्यशाली होते हैं। इनके 13-27-31 व 49वें वर्ष स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे नहीं होते। वृश्चिक राशि वाले जातकों का आज व्यापार-व्यवसाय में अच्छा लाभ होगा। विवादित मामले पक्ष में निर्णित होंगे।

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