भारत में अनगिनत मंदिर मौजूद हैं। जिनमें से बहुत से मंदिर ऐसे हैं, जो किसी न किसी हैरान करने वाली घटना को अपने साथ लिए आज भी खड़े हैं। इस प्रकार के मंदिरों को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं तथा इनकी वास्तु कला देखकर हैरान रह जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में जानकारी प्रदान करने जा रहें हैं।
वर्तमान समय में गर्मी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। गर्मी से प्रत्येक व्यक्ति परेशान है तथा चाहता है की जल्दी से जल्दी बरसात हो जाए। वहीं दूसरी ओर देश का किसान भी बारिश की बाट जोहता रहता है ताकी समय से उसकी फसल को पानी लग जाए ओर उसकी फसल बर्बाद होने से बच जाए। इन दोनों समस्याओं का निराकरण कानपुर का जग्गनाथ मंदिर सदियों से करता आ रहा है। आपको बता दें की इस मंदिर की खासियत यही है की यह बारिश आने से पहले ही उसकी सटीक जानकारी आम लोगों को दे देता है। आज हम आपको इस मंदिर के बारे में ही विस्तार से बताने जा रहें हैं।

जगन्नाथ मंदिर की खासियत
यह जगन्नाथ मंदिर कानपुर के बेहटा गांव में है। यह मंदिर 11 वीं शताब्दी का बताया जाता है। यह बौद्ध मठ की वास्तु शैली में बना हुआ है तथा इसकी दीवारे 14 फिट चौड़ी हैं। मंदिर के अंदर भगवान जग्गनाथ सहित बलदाऊ तथा सुभद्रा जी की प्रतिमाएं स्थित हैं। इसके अलावा भगवान सूर्य तथा पदमनाभ की प्रतिमाएं भी इसके प्रांगण में हैं। इस मंदिर में मोर तथा चक्र के चिन्ह भी हैं, जिनसे यह अंदाजा लगाया जाता है की यह सम्राट हर्षवर्धन के काल में निर्मित हुआ था।

बारिश के बारे में करता है सटीक भविष्यवाणी
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है की यह बारिश होने की भविष्यवाणी समय से पहले कर देता है। बारिश होने से पहले इस मंदिर की छत से पानी टपकना प्रारंभ हो जाता है। टपकते हुए पानी को देखकर ही लोग इस बात का अंदाजा लगा लेते हैं की बारिश कब होगी। गर्मी के मौसम में इस मंदिर की छत से पानी की बूंद टपकना शुरू हो जाती है। यह बारिश होने का संकेत होता है। वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में इस मंदिर की छत बिलकुल सूख जाती है। लोगों का कहना है की मंदिर की छत से गिरने वाली बूंद जितनी ,ज्यादा मोटी होती है बारिश उतनी ह ज्यादा होती है।

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