रूस का यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू हो गया है। जो देश भी यूक्रेन को भरोसा दिला रहे थे, वे एक भी उसके पास नहीं है। अमेरिका ने भी अपने पांव पीछे कर लिए है। नाटो देश भी यूक्रेन के सहयोग के नाम पर मुंह मोड़ लिए हैं। इस वक्त दुनिया में यूक्रेन का साथ देने वाला कोई नहीं है। क्योंकि यूक्रेन गली के उस गुंडे की तरह था, जिसे लोग हवा देकर अपना उल्लू साधना चाह रहे थे। लेकिन जब रूस ने अपना रुख साफ़ किया तो सब पीछे हट गए। दुनिया में शांति बेहद जरुरी है और इसके लिए जरुरी है अन्य देशों को अमेरिका की राजनीती को जानना। रूस के सामने यूक्रेन खुलकर युद्ध भी नहीं कर सकता। रूस तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक कि उसकी सेना समर्पण नहीं कर दे।

रूस जैसी महाशक्ति का पड़ोसी देश यूक्रेन से युद्व अपने आप में इतिहास लिख सकता है। रूस ने इस वक्त पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। आपको बता दें कि रूस की सेना ऐसे ऑटोमैटिक हथियारों से लेस है, जिन्हे देखने मात्र से ही दुश्मन भयभीत हो सकता है। बिना परमाणु ही गाड़ियों पर लदे इन हथियारों की खासियत आज हम आपको बता रहे हैं। रूस के कॉम्बैट व्हीकल्स टैंक्स, ट्रक्स, एपीसी और आईएफवी जैसे धाकड़ वाहन शामिल हैं।

ये एक पुराना रूसी हथियार है लेकिन रूसी हथियार कभी पुराने नहीं होते. बीटीआर 70 एक 8 बाय 8 आर्मर्ड पर्सनल कैरियर है. इस वाहन ने दुनिया में कई जगहों पर अपना लोहा मनवाया है. इसके पहियों में टायर प्रेशर रेगुलेशन सिस्टम लगाया गया है जिससे बाउंस बेलेंस बना रहता है. ये 4.5 मिमी हेवी कैलिबर मशन गन के अलावा 7.62 मिमी पीकेटी एंटी-इंफेंट्री मशन गन से लैस किया जा सकता है. बीटीआर 70 को 120 हॉर्सपावर क्षमता वाला इंजन दिया गया है और इसकी टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है.

डीटी-30

बर्फीली जगहों को छोड़कर किसी भी परिस्थिति अपना हुनर दिखा सकते हैं ये आर्टिकुलेटिंग ट्रैक्ड वाहन। ये वाहन दुर्गम स्थानों तक सैनिकों को लाने और ले जाने का काम करते हैं। हथियारों से लदे यह ट्रक रुसी सेना का अहम् हिस्सा है। डीटी-30 में 800 हॉर्सपावर का इंजन दिया हुआ है। इन वाहनों की टॉप स्पीड 45 किमी/घंटा है। बर्फीली जगहों पर यदि इन्हे चलाया जाता है तो भी ये पीछे नहीं रहते। ये बर्फीली जगहों पर भी 30 टन तक वजन ढो सकते हैं।

एटलेट

एटलेट में वायएएमजैड-5347 डीजल इंजन लगाया हुआ है। यह दमदार इंजन 300 हॉर्सपावर की ताकत देता है। यह फॉर बाय फॉर व्हीकल 120 किमी/घंटा की टॉप स्पीड पर चलता है। यह एक बार ईंधन भरने के बाद 1,000 किमी तक चलता है। यह ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इस कॉम्बैट व्हीकल पर धांसू मशीन गन और ग्रेनेड लॉन्चर फिट किए गए हैं।

रूसी सेना का धांसू 8 बाय 8 आईएफवी वाहन है। इसकी चादर स्टील और कॉम्पोसाइट/सेरेमिक आर्मर के कॉम्बिनेशन बनी हुई है। यह छोटे मोठे हमलों को तो खुद सहन कर लेता है। इस व्हीकल पर लेजर डिटेक्टर और इंस्टेंट मल्टी-स्पेक्ट्रल स्मोक डिस्चार्ज भी जोड़े गए हैं। वाहन को 360 डिग्री कैमरा से लेस किया गया है। अंदर बैठे क्रू मेंबर बाहरी दुनिया की हलचल को भांप सकते हैं। वीपीके-7829 बूमरेंग के साथ इस कार में डिजिटली कंट्रोल्ड डीजल इंजन लगाया गया है। यह वाहन 100 किमी की टॉप स्पीड और 800 किमी की रेंज तक चलता है।

एपीसी वाहन वाकई में रूसी टैंक्स को सपोर्ट करता है। इसका खुद का वजन 53 टन है। इस पर बीएमपीटी 2 बाय 30 मिमी ऑटो-कैनन्स मिसाइल लोड की जा सकती है। साथ ही 4 बाय 130 मिमी अटाका-टी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल भी जोड़ी हुई रहती है। इस टैंक पर 30 मिमी ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर भी फिट होता है। वाहन मॉडल वी-92एस2 डीजल इंजन से चलता है। इसके लिए इंजन की ताकत 1,000 हॉर्सपावर जनरेट होती है। टॉप स्पीड 37 मील/घंटा तक होती है।

Latest News