नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने पासपोर्ट सेवा को पहले से और अधिक आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया।  इसके तहत  पासपोर्ट से जुड़ी अब सारी प्रक्रिया प्रधान  पोस्‍ट ऑफिसों में ही पूरी कर ली जाएगी। मौजूदा समय में पूरे देश में 38 पासपोर्ट ऑफिसों के तहत 89 पासपोर्ट सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। सरकार की इस नई पहल से यह सुविधा देश के प्रत्येक  जिले में हो जाएगी। साथ ही पासपोर्ट को बनाने में लगने वाला समय भी आधा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय और पोस्‍टल डिपार्टमेंट ने आपस में मिलाया हाथ…
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– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय और भारत सरकार ने इसके लिए आपसी सामंजस्य बनाया है।  
– इस प्रक्रिया के  तहत राज्‍यों में मौजूद हेड पोस्‍ट ऑफिसों को पोस्‍ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा क्रेंद (POPSK) के रूप में रूपांतरित कर दिया जाएगा।
– POPSK पर ही डाक के साथ पासपोर्ट से जुडी सभी सुविधाएं एक ही छत के निचे मुहैया कराई जाएंंगी।
– विदेश मंत्रालय  इसे पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर शुरू करने में है ।
– कर्नाटक स्थित मैसूर और गुजरात के दाहोद के हेड पोस्‍टऑफिस में  25 जनवरी से इसकी शुरुआत हो चुकी।

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 **ये मिलेगी पोस्‍ट ऑफिस में  सुविधाएं
– विदेश मंत्रालय की रिलीज के मुताबिक, वर्तमान  समय में जिन 2 हेड पोस्‍ट ऑफिसों मैसूर और दाहोद को पायलट प्रोजेक्‍ट के तहत चुना गया है, वहां 25 जनवरी से लोगों को पासपोर्ट के लिए अप्‍वाइन्‍मेंट मिलना शुरू कर दिया गया है।
– इन जिलों से जुड़े  लोगों ने पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, वे  इन POPSK में अपना अप्‍वाइन्‍मेंट लेकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करा सकते हैं।
– यह ज्यात हो कि पासपोर्ट जारी होने से ठीक पहले यह की यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य  होता है। इससे पहले तक यह प्रक्रिया सिर्फ पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर ही पूरी होती थी।

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**भारत सरकार के इस कदम से पासपोर्ट बनवाने  में लगने वाला समय व्यक्ति के लिए आधा हो जाएगा।

 समय की होगी बचत
– अभी सरकार ने इसे प्रयोगात्मक शुरू किया है।
–  यह प्रयोग अगर सफल रहा और किसी भी तरह की कोई तकनीकी दिक्‍कत नहीं आई तो इस सेवा को जल्द ही पूरे देश में शुरू किया जाएगा।
–  यह सेवा अगर पूरे देश में शुरू होती है  तो पासपोर्ट बनाने में लगने वाले समय की लोगो को काफी बचत होगी।
– सरकार ने अभी कुछ ही समय पहले  पासपोर्ट बनवाने से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव किया था।

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** पासपोर्ट के लि‍ए जन्म प्रमाण पात्र  की अनि‍वार्यता को खत्‍म कर आधार सहित अन्य कागजात को मान्यता दी था।
बर्थ सर्टिफिकेट अब जरूरी नहीं
– आवेदक जन्म तिथि के  प्रूफ के लिए अपना आधार या ई आधार दे सकते हैं।
–  पासपोर्ट बनवाने के नियमों के तहत 26 जनवरी, 1989 के बाद पैदा होने वाले आवेदक को डेट ऑफ बर्थ प्रूफ के लिए मैंडेटरी तौर पर बर्थ सर्टिफिकेट जमा कराना होता था।
-लेकिन अब जन्म तिथि प्रमाण  के तौर पर स्‍कूल छोड़ने का सर्टिफिकेट अंकतालिका , पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड या एलआईसी पॉलिसी बांड भी मान्य  किए जाएंगे

**राजकीय  कर्मचारियों के लिए क्‍या नियमों में बदलाव 
– अभी  तक राजकीय  कर्मचारियों को पासपोर्ट बनवाले के लिए सम्बंधित  मंत्रालय या विभाग से नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट को जमा कराना होता था।
– कई मौकों पर  विभाग अपने  कर्मचारियों को यह सर्टिफिकेट  जारी नहीं करता था।
– अब राजकीय  कर्मचारी को अगर जरूरी काम के लिए अपना पासपोर्ट बनवाना है और सम्बंधित  विभाग नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट जारी नहीं करता है तो वह कर्मचारी  सेल्‍फ डिक्‍लेयरेशन दे सकता है लेकिन  कर्मचारी को  केवल अपने विभाग को जानकारी देनी होगी  कि वह सामान्‍य पापोर्ट के लिए अपना आवेदन कर रहा है।
– ऐसे में कर्मचारी को  नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिेकेट की जरूरत नहीं होगी। 

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