37 अलग-अलग तरह के वार्षिक रिटर्न फाइल करने होंगे
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सोसाइटी को कराना होगा रजिस्ट्रेशन
नई दिल्ली. वस्तु व सेवाकर (जीएसटी) के लागू होने से उन लोगों पर काफी असर पड़ेगा, जो महानगरों में लैट में रहते हैं और हर महीने मेंटीनेंस चार्ज अदा करते हैं। ऐसे लोगों पर भी असर पडऩे की संभावना है, जिनकी सोसाइटी का सालाना फंड 20 लाख रुपए से अधिक का है।
जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। अभी यह टैक्स 15.55 फीसदी है, जो कि 1 जुलाई के बाद 18 फीसदी हो जाएगा। हालांकि, इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा, जिनको 5 हजार रुपए से अधिक का मासिक मेंटीनेंस देना पड़ता है। इस मेंटीनेंस में प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्यूटी और पानी व बिजली का बिल शामिल नहीं है। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि जिन सोसाइटी और आरडब्ल्यूए ने अपना रजिस्ट्रेशन जीएसटी में नहीं कराया है, उनको अब ऐसा कराना जरुरी हो जाएगा। इसके अलावा जीएसटी में 37 अलग-अलग तरह के वार्षिक रिटर्न फाइल करने होंगे, जो कि पहले एक ही करना होता था।
फंड पर पड़ेगा असर
सोसाइटी पदाधिकारियों के मुताबिक इससे फंड के इस्तेमाल करने पर असर पड़ेगा, क्योंकि इस फंड का इस्तेमाल सोसाइटी में इमरजेंसी के दौरान होता है। कोई भी सोसाइटी इस फंड का इस्तेमाल तब तक नहीं करती है, जब तक कोई बड़ा खर्चा न आ जाए। अब टैक्स ज्यादा लगने से उनको फंड का स्टेटस सही रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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