नई दिल्ली: ग्रेच्युटी एक ग्राहक द्वारा कुछ सेवा क्षेत्र के श्रमिकों को दी जाने वाली राशि है, जैसे कि सेवा के मूल मूल्य के अलावा, उनके द्वारा की गई सेवा के लिए आतिथ्य सत्कार। आपको बात दे की सरकार अब शायद ग्रेच्युटी के नियमो में कुछ बदलाव कर सकती है। अगर आप भी नौकरी पेशा है यानि अगर आप भी नौकरी करते है तो यह खबर आपके लिए काफी अच्छी हो सकती है। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते है।

आपको बताते है की जो लोग नौकरी करते है अब उनको अपनी ग्रेच्युटी के लिए 5 साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बल्कि अब उन्हें महज 1 साल में भी ग्रेच्युटी मिल जाएगी। जाह्नकारी के मुताबिक न्यू वेज कोड में ग्रेच्युटी नियमों में भी बदलाव किये गए है। आपको बता दें कि देश में श्रम सुधार (Labor Reform) के लिए केंद्र सरकार जल्‍द ही 4 नए लेबर कोड (New Labour Codes) लागू करने वाली है।

श्रम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने लोकसभा में इसकी लिखित जानकारी देते हुए बताया है की लगभग 24 राज्य न्यूज वेज कोड के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। और महज 4 राज्यों की सहमती आने के बाद न्यू लेबर कोड्स को लागू कर दिया जाएगा। जिसके बाद आपको सिर्फ 1 साल नौकरी करने पर ग्रेच्युटी मिलेगी।

आपको जानकारी के लिए बता दे की नए लेबर कोड्स के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, छुट्टी, प्रोविडेंट फंड और ग्रेच्युटी (Gratuity) में बदलाव आएगा। इसके तहत काम करने के घंटे और हफ्ते के नियम में भी बदलाव संभव है। उसके बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के लिए किसी संस्थान में 5 साल लगातार नौकरी की नौकरी करना ज़रूरी नहीं है। सरकार ने अब तक इसका ऐलान नहीं किया है, लेकिन नए लेबर कानून लागू होते ही ये नियम लागू हो जाएगा।

अभी है ये नियम
फिलहाल ग्रेच्युटी के नियम के तहत किसी भी संस्थान में 5 साल नौकरी करने पर ही ग्रेच्युटी मिलती है। इसी के आधार पर आप 5 साल पूरा होने के बाद जिस दिन कंपनी छोड़ते हैं उस महीने में आपकी जितनी सैलरी होगी उसके आधार पर आपकी ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन किया जाता है। जैसे अगर किसी कर्मचारी ने एक कंपनी में 10 साल काम किया और आखिरी महीने में उसके अकाउंट में लगभग 50 हजार रुपये आते हैं। अब अगर उसकी बेसिक सैलरी 20 हजार रुपये है तो उसके पास 6 हजार रुपये का डियरनेस अलाउंस है। तब उसके ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन 26 हजार (बेसिक और डियरनेस अलाउंस) के आधार पर होगा।

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