mustard oil
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Mustard oil:    अभी हाल ही में तेल के दाम कितने ज्यादा बढ़ गए थे ये तो हम सभी को पता है। लेकिन अब सरसो तेल का उत्पादन ज्यादा हो गया है जिसके वजह से सरसों की कीमत गिर गई। अगर आप भी उन लोगों में शामिल है जिन्हे लगता है कि सरसों के तेल की कीमत सिर्फ हमारे और आपके लिए कम की जा रही है, तो आप गलत हैं। आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर तेल की कीमतें क्यों गिर रही हैं?

तो दोस्तों ऐसा इसलिए है क्योंकि पब्लिक के पर्चेस में काफी गिरावट आई है, जिसके वजह से बाजार में बिक्री पहले की तुलना में काफी कम हुई है। अब वापस से बिक्री को बढ़ाने के लिए तेल की कीमत में गिरावट किया गया है।

दाम

सरसों का तेल दादरी – 15,000 रुपये क्विंटल।
सरसों पक्की गनी – 2,360-2,440 रुपये कैन।
सरसों तिलहन- 7,490 रुपये से 7,540 रुपये क्विंटल।
मूंगफली – 6,710 रुपये – 6,845 रुपये क्विंटल।
सरसों कच्ची घानी – 2,400 रुपये से 2,510 रुपये टिन।
तिल तेल – 17,000 रुपये से 18,500 रुपये क्विंटल।
कॉर्न कर्ल – 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन- 7,000 रुपये से 7,100 रुपये क्विंटल।
सोयाबीन -6,700 रुपये से 6,800 रुपये क्विंटल।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में सरसों तेल के थोक भाव 134 रुपये प्रति लीटर आ गया है। एमआरपी की पिछली 10 रुपये की कटौती के बाद, सरसों के तेल की कीमत घटकर 194 रुपये प्रति लीटर हो गई। यदि कोई तेल उत्पादक सरकार के आदेश का पालन करता है और अपनी एमआरपी 15 रुपये कम करता है, तो 1 लीटर सरसों के तेल की कीमत 178-180 रुपये होगी।

आपको शायद नहीं पता लेकिन भारत पाम के तेल का दुनिया का सबसे बड़ा इम्पोर्टर है। इतना ही नहीं भारत के सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के महासचिव बीवी मेहता ने बताया है कि पिछले महीने खाना पकाने के तेल की कीमत 300 रुपये से 450 रुपये प्रति टन तक घटाई गयी है । इसी वजह से कंपनियां जल्द ही तेल की कीमतों में कटौती की घोषणा करेगी।

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