PPF Compare By EPF: भविष्य के लिहाज से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) या इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में से कौन सा विकल्प अपनाएंं, इसे चुनने से पहले दोनों के अंतर को समझें…

कौन सा चुनें
ईपीएफ में केवल सैलरी पाने वाले लोग ही निवेश कर सकते हैं। वहीं, पीपीएफ में कोई भी निवेश कर सकता है। ईपीएफ पर सालाना ब्याज दर ८.५ है। पीपीएफ पर सरकार ने ब्याज दर 7.1 फीसदी तय कर रखी है

PPF Vs EPF

मिनिमम निवेश
अगर पीपीएफ में निवेश करना चाहते हैंं, तो ५०० रुपए से अकाउंट खुलवा सकते हैं। वहीं, ईपीएफ में बेसिक सैलरी का २४ फीसदी जमा होता है। इसमें १२ फीसदी कंपनी और १२ फीसदी कर्मचारी कंट्रीब्यूट करता है।

लॉक-इन पीरियड
पीपीएफ में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। बाद में इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं, ईपीएफ से रिटायरमेंट या कंपनी छोडऩे यानी इस्तीफा देने पर पैसा निकाल सकते हैं। इसलिए दोनों ही बेहतर विकल्प हैं।

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