magnetic North Poll effect on air and water traffic
magnetic North Poll effect on air and water traffic

B.Tech. हमेशा से ही स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन कॅरियर प्रोग्राम रहा है। Engineering courses स्टूडेंट्स को अलग-अलग फील्ड में मौके उपलब्ध कराते हैं। पिछले एक दशक में आईटी सेक्टर में काफी बदलाव आए हैं। टेक्नोलॉजी के साथ इंडस्ट्री में हुए बदलाव ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए नए रास्ते खोले हैं जिससे अब उन्हें पुराने परंपरागत विषयों के मुकाबले नई चीजें सीखने का मौका मिल रहा है। अगर आप भी बी.टेक. करना चाहते हैं और पढ़ाई के लिए कुछ ऐसे विषय चुनना चाहते हैं जो अच्छी सैलरी के साथ आगे बढ़ने के बेहतर मौके दें तो कुछ खास विषयों में आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। जानिए ऐसे ही कुछ विषयों के बारे में…

बिजनेस एनालिटिक्स (Business Analytics)

बिजनेस एनालिटिक्स ऑफिसर स्थिति को समझकर स्ट्रेटेजी तैयार करता है ताकि कंपनी कम से कम समय में अपना लक्ष्य पा सकें। वर्तमान में हर कंपनी अपना बिजनेस अलग-अलग सेक्टर में बढ़ाने की कोशिश में जुटी है। बिजनेस एनालिटिक्स एक तरह से तकनीक और बिजनेस की परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन है। तकनीक की मदद से बिजनेस का परफॉर्मेंस बढ़ रहा है या नहीं, यह भी समझा जाता है। एक बिजनेस एनालिटिक्स ऑफिसर स्थिति के अनुसार स्ट्रेटेजी बनाता है। इसके अलावा बिजनेस एनालिस्ट कंपनी को ऐसे फैसले लेने में मदद करता है जिससे वो तेजी से बढ़ें और आर्थिक मामलों में तरक्की कर सकें। देश की कई नामी कंपनियां इससे जुड़ी पोस्ट निकालती हैं।

https://www.tazahindisamachar.com/business/how-to-arrange-collateral-for-education-loan-1525.html

डेटा साइंस (Data Science)

आसान भाषा में समझें तो डेटा साइंस मैथ्स और स्टेटिस्टिकल स्किल का तालमेल है। वर्तमान में डेटा साइंटिस्ट की डिमांड बढ़ रही है। जैसे-जैसे कंपनियों में बिजनेस बढ़ता है, कंपनी को डेटा साइंटिस्ट की जरूरत बढ़ती है। डेटा साइंटिस्ट का प्रमुख काम रॉ डेटा को व्यवस्थित करना होता है। सामान्य रूप से डेटा को अव्यवस्थित डेटा में से निकालना होता है और उसे व्यवस्थित करना होता है, ताकि उसे इस्तेमाल किया जा सके। डेटा साइंटिस्ट को मशीन लर्निंग, डेटा माइनिंग, एनालिटिक्स आदि का ज्ञान भरपूर होता है। इन्हें कोडिंग और एल्गॉरिथ्म लिखना भी आता है। वह डेटा को इस तरह से तैयार करता है कि ग्राफिक और वीडियो और फोटो के रूप में पेश किया जा सके।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (Aerospace Engineering)

दुनियाभर में स्पेस से जुड़े प्रोग्राम्स को प्राथमिकता दी जा रही है। यह जरूरत एयरोस्पेस इंजीनियर्स के लिए नए मौके खोल रही हैं। एयरोस्पेस इंजीनियर का काम एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट और मिसाइलों को डिजाइन करना है। इसके अलावा एयरक्राफ्ट की ताकत, टेस्टिंग और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें लंबे समय तक कैसे टिकी रहेंगी, इससे जुड़े फैसले लेना है। ऐसे इंजीनियर विभिन्न प्रकार के एयरोस्पेस मशीनरी को डिजाइन करने का प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं।

https://www.tazahindisamachar.com/gadgets/how-to-create-telegram-channel-in-hi-1482.html

मशीन लर्निंग (Machine Learning)

इंडस्ट्री के लेवल पर मशीन लर्निंग का स्कोप तेजी से बढ़ रहा है। आईटी से लेकर हेल्थकेयर और एजुकेशन तक में मशीन लर्निंग का प्रयोग किया जा रहा है। मशीन लर्निंग की पढ़ाई कैंडिडेट को इंटेलिजेंट सिस्टम को डिजाइन करने के साथ डेटा का सटीक प्रयोग करना सिखाती है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं। कई लोग कुछ भी सर्च करने के लिए लिखकर नहीं बल्कि बोलकर करते हैं। सर्चिंग के इस तरीके को मशीन लर्निंग की ही सहायता से बनाया गया है।हर क्षेत्र में मशीन लर्निंग का प्रयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसलिए यह विषय आपके कॅरियर को नई दिशा दे सकता है और फ्यूचर को सिक्योर कर सकता है। मशीन लर्निंग में पढ़ाई पूरी करने के बाद भी कई कंपनियों में मौके हैं।

नैनो टेक्नोलॉजी (Nano Technology)

नैनो टेक्नोलॉजी के जरिए दवा से लेकर फूड सेक्टर तक में कई बड़े बदलाव लाए जा रहे हैं। जरूरतें बढ़ने के साथ नैनो टेक्नोलॉजी और एक्सपर्ट की डिमांड में इजाफा हो रहा है। मॉलिक्युलर बायोलॉजी, इंजीनियरिंग साइंस, मैटेरियल साइंस, केमिस्ट्री, फिजिक्स, मेडिसिन, इंस्ट्रूमेंटेशन, ड्रग डिलीवरी सिस्टम और डिवाइस फेब्रिकेशन में होने वाली हर रिसर्च में कम से कम एक कंपोनेंट नैनो टेक्नोलॉजी से जुड़ा होता है। मिलिट्री के अलावा नेशनल सिक्योरिटी, ऑटो इंडस्ट्री, एयरोस्पेस इंडस्ट्री, फूड साइंस और एनवायर्नमेंटल जैसे क्षेत्रों में नैनो टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट की काफी नौकरियां निकलती हैं।

Latest News