गुरुवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोविड -19 के बीच दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बार-बार बंद होने के दौरान ऑनलाइन टीचिंग एंड लर्निंग प्रोसेस की समीक्षा की। अपनी इस समीक्षा बैठक में सिसोदिया ने शिक्षा निदेशालय द्वारा ऑफ़लाइन के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षण में छात्रों की उपस्थिति के अलावा बच्चों तक पाठ्यक्रम सामग्री और वर्कशीट के पहुँचाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली।

मनीष सिसोदिया को बताया गया कि ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से वर्कशीट केजी से कक्षा 2 तक 99.2 प्रतिशत, कक्षा 3 से 5 तक 99.1 प्रतिशत छात्र, कक्षा 6 के 94.21 प्रतिशत, कक्षा 7 के 97.2 प्रतिशत, कक्षा 8 के 98 प्रतिशत, कक्षा 9 के 98.7 प्रतिशत और कक्षा 10 के 98.4 प्रतिशत छात्रों तक पहुंच रही है।

उन्हें यह भी बताया गया कि स्कूलों द्वारा आयोजित की जा रही ऑनलाइन कक्षाओं में 11वीं कक्षा के 98.2 प्रतिशत और 12वीं कक्षा के 98.6 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।

मीटिंग के दौरान सिसोदिया ने डीओई के अधिकारियों से कहा, “महामारी के दौरान स्कूलों के बार-बार बंद होने से विद्यार्थियों को शिक्षा का नुकसान हुआ है। स्टूडेंट्स का स्वास्थ्य हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि बच्चों की शिक्षा बंद न हो।”

उन्होंने आगे कहा, “कोविड महामारी ने हमारे सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं, लेकिन शिक्षा टीम यह सुनिश्चित करने के लिए लगन से काम कर रही है कि इस समय में हर शिक्षा तक हर बच्चे की पहुंच हो।”

दिल्ली शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि डीओई नियमित रूप से विद्यार्थियों को वर्कशीट भेज रहा है, जबकि स्कूल स्तर पर कक्षा 9 से 12 के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। और, जिन बच्चों के पास ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए डिजिटल उपकरण नहीं हैं, उन्हें स्कूल द्वारा हर हफ्ते वर्कशीट की प्रिंट कॉपी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Latest News