digital university
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Digital University: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में बजट-2022 के दौरान देश में डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की। कोरोनाकाल में बाधित हुई छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए यह घोषणा की गई है। डिजिटल यूनिवर्सिटी के जरिए देश के किसी भी कोने में रहने वाले स्टूडेंट्स को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा और स्टडी से जुड़े कई तरह के खर्च से भी राहत मिलेगी। पढ़ाई और भी आसान बन सकेगी और इससे घर बैठे अलग-अलग तरह के कोर्स, डिप्लोमा और प्रोग्राम किए जा सकेंगे। जानिए, कैसी होगी डिजिटल यूनिवर्सिटी…

ऐसी होगी डिजिटल यूनिवर्सिटी

भारत सहित दुनिया के कई देशों में डिजिटल यूनिवर्सिटीज मौजूद हैं। यहां से लाखों स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। भारत में केरल में देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई जा चुकी है। शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए इसकी शुरुआत हुई थी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, केरल को अपग्रेड करके ही डिजिटल यूनिवर्सिटी में बदला गया है। डिजिटल यूनिवर्सिटी के जरिए स्टूडेंट्स को पूरी तरह से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। सिलेबस से लेकर दूसरी जानकारी तक ई-मेल से भेजी जा रही है। इसलिए इसका दायरा बढ़ रहा है।

2020 में केरल में डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू की गई थी

400 करोड़ रुपए की लागत से राजस्थान के जोधपुर में देश की दूसरी डिजिटल यूनिवर्सिटी तैयार होगी।

33 एकड़ के क्षेत्रफल में जोधपुर में बनने वाली डिजिटल यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जाएगा।

कई यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर काम करेगी

देश में बनने वाली डिजिटल यूनिवर्सिटी कई बड़े विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम करेगी। इनके साथ तालमेल बिठाकर इंटरनेट, मोबाइल फोन्स, टीवी और रेडियो के जरिए स्टूडेंट्स कोर्स का कंटेंट पहुंचाया जाएगा।

ऐसे होगी पढ़ाई

डिजिटल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पूरी तरह से डिजिटल होगी। वर्चुअल वीडियो से पढ़ाई होगी। पॉडकास्ट और रेडियो के जरिए शिक्षक स्टूडेंट्स तक जानकारी पहुंचाएंगे। दुनियाभर की डिजिटल यूनिवर्सिटीज में यही पैटर्न अपनाया जा रहा है।

डिजिटल यूनिवर्सिटी से वो लोग भी पढ़ाई कर सकते हैं, जो पहले
से जॉब में हैं अथवा यूनिवर्सिटी जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते हैं।

केरल में है देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी

केरल में बनी देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को कई तरह के प्रोग्राम ऑफर किए जा रहे हैं। ज्यादातर कोर्सेस ऐसे विषयों पर हैं, जिनकी वर्तमान में काफी डिमांड है। हालांकि, हालिया घोषणा के मुताबिक, तैयार होने वाली डिजिटल यूनिवर्सिटी में किस तरह के कोर्सेस होंगे, यह शॉर्ट टर्म होंगे या लॉन्ग टर्म होंगे, यूजी-पीजी प्रोग्राम होंगे या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विदेशों में मौजूद डिजिटल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंंसिंग का प्रयोग होता है। इनसे वो लोग भी पढ़ सकते हैं, जिनकी पढ़ाई छूट गई है या फिर नौकरी कर रहे हैं और सर्टिफिकेट या डिप्लोमा प्रोग्राम करना चाहते हैं।

हब एंड स्पोक मॉडल पर तैयार होगी यूनिवर्सिटी

वित्त मंत्री के मुताबिक, देश में बनने वाली डिजिटल यूनिवर्सिटी हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित होगी। इसका मतलब है, डिजिटल यूनिवर्सिटी की पूरी व्यवस्था सेंट्रलाइज्ड होगी। डिजिटल यूनिवर्सिटी के जरिए कई अलग-अलग भाषाओं में पढ़ाई की जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे दूर-दराज में रहने वाले स्टूडेंट्स घर बैठे अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। हालांकि डिजिटल यूनिवर्सिटी का ढांचा कैसा होगा, इस बारे में केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं जारी की गई है।

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