neet 2022 exam preparation tips
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NEET 2022 Exam Preparation Tips: हर साल होने वाली नीट की परीक्षा में करीब 16 लाख कैंडिडेट बैठते हैं और सफल होने वाले 1.5 लाख अभ्यर्थियों को मेडिकल और डेंटल कॉलेज में दाखिला मिल पाता है। इस साल नीट की ऑफलाइन परीक्षा मई में होनी है। परीक्षा के लिए ३ महीने का समय बचा है। यह समय अपनी तैयारियों को परखने, छोटी-छोटी कमियों को दूर करने और कम समय में बेहतर जवाब देने की तैयारी का है। एक्सपट्र्स कहते हैं, तैयारी के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे- सबसे जरूरी बात यह है कि किसी कॉम्पिटीटिव एग्जाम की तैयारी को हल्के में बिल्कुल न लें। जिस तरह सालभर की पढ़ाई के लिए स्टडी का शेड्यूल बनाते हैं, उसी तरह रिविजन का टाइम टेबल बनाएं और सख्ती से उसका पालन करें।

एनसीईआरटी बुक्स पर फोकस

नीट की परीक्षा में ११वीं और १२वीं के सिलेबस से ही सवाल पूछे जाते हैं। एक्सपट्र्स का कहना है, नीट की तैयारी कर रहे हैं तो एनसीइआरटी की किताबें कभी भी नजरअंदाज न करें। इन किताबों से फिजिक्स, केमेस्ट्री और जूलॉजी और बॉटनी के कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझ सकते हैं। सिर्फ एक्सपट्र्स ही नहीं, टॉपर्स भी एनसीईआरटी की किताबों को प्रिफर करते हैं। नीट परीक्षा में पूछे जाने वाले ७० फीसदी सवाल इन्हीं किताबों से आते हैं।

विषयवार सवालों को हल करें

एक्सपट्र्स कहते हैं, आपके रिवीजन शेड्यूल में जिस दिन जो टॉपिक है, उससे जुड़े सब्जेक्टिव क्वेश्चयंस और मल्टीपल च्वॉइस क्वेश्चंस को एनसीईआरटी की किताबों से सॉल्व करें। इस तरह आप हर टॉपिक को क्लीयर करते चलेंगे तो इसके दो फायदे होंगे। पहला, सभी टॉपिक कवर होंगे और सवालों के जवाब समझ पाएंगे।

शेड्यूल का सख्ती से पालन करें

रिविजन के लिए आपने जो भी शेड्यूल बनाया है या बनाने जा रहे हैं, उस पर डटे रहें। शेड्यूल के लिए जो समय और टॉपिक तय किया है, उसे हर हाल में पूरा करें। आपकी तैयारी पक्की है, ऐसा भ्रम बिल्कुल न पालें। अगर तैयारी पक्की है तो उसे परखें भी। इसका सबसे अच्छा तरीका है टाइम मॉनिटरिंग। आप टॉपिक से जुड़े जिन भी सवालों को हल कर रहे हैं, वे कितने समय में पूरा कर पा रहे हैं, इस पर गौर करें। एक्सपट्र्स कहते हैं, खासकर फिजिक्स के न्यूमेरिकल्स काफी समय लेते हैं। अगर स्टूडेंट एक तय समय में ऐसे न्यूमेरिकल्स को हल करने की आदत नहीं डालता है तो एग्जाम में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा ध्यान रखें कि फिजिक्स में फॉर्मूलों को अच्छी तरह से याद कर लें, ये न्यूमेरिकल्स को हल करने में मदद करते हैं। इसीलिए परीक्षा के कुछ महीनों पहले की जाने वाली प्रैक्टिस ही कैंडिडेट की सफलता का ग्राफ तय करती है। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

10 दिन पहले तैयारी पूरी कर लें

आप तैयारी कर रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि परीक्षा के १ दिन पहले तक इसे जारी रखेंगे। ध्यान रखें कि तैयारी का ऐसा शेड्यूल बनाएं जो परीक्षा से १० दिन पहले ही पूरा हो जाए। इससे आप रिलैक्स महसूस करेंगे। खुद को तनावमुक्त रखें और बिना किसी दबाव के परीक्षा देने के लिए खुद को तैयार करें। इसके लिए योग, मेडिटेशन को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।

मॉक टेस्ट पेपर हल करें

मॉक टेस्ट पेपर को हल करना अपनी तैयारियों को परखने का सबसे बेहतर जरिया होता है। रियल टाइम में आप यह पता लगा सकते हैं कि एक तय समय के अंदर कितने सवालों को हल कर पा रहे हैं या नहीं। बेहतर तैयारी के लिए पिछले कई सालों के पेपर्स को हल करें। एक्सपट्र्स कहते हैं, मॉक टेस्ट पेपर्स को हल करने के दौरान जो भी कमियां नजर आ रही हैं, उन्हें नोट करें। हर हफ्ते में एक दिन एक घंटा इनके लिए भी निकालें और यह सोचें कि कमियों की वजह क्या है।

कॉन्सेप्ट को रटें नहीं

तैयारी का समय उन बातों के लिए भी होता है, जिन्हें कैंडिडेट नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए हर कॉन्सेप्ट को कब-क्यों-कैसे के नजरिए से समझें। इन्हें रटें नहीं, बल्कि समझें। अगर कॉन्सेप्ट क्लीयर है तो उससे जुड़े सवालों को हल करने में अधिक मेहनत या दिमाग नहीं लगाना पड़ता। एक्सपट्र्स कहते हैं, अगर आप कॉन्सेप्ट को क्लीयर नहीं करते हैं तो सबसे ज्यादा परेशानी फिजिक्स और केमेस्ट्री विषयों में उठानी पड़ती है। ये दोनों ही विषय के ज्यादातर टॉपिक्स कॉन्सेप्ट बेस्ड हैं। इसलिए इन्हें समझ लेंगे तो काफी हद तक सवालों का जवाब देना आपके लिए आसान हो सकता है।

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