वेटरनरी डॉक्टर ऐसे प्रोफेशनल होते हैं, जो पालतू पशुओं, फार्म एनिमल्स और पक्षियों के विभिन्न प्रकार की बीमारियों के डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट, प्रिवेंशन, आफ्टरकेयर और रिसर्च में प्रशिक्षित होते हैं। वेटरनरी डॉक्टर के रूप में कॅरियर की शुरुआत फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट्स के साथ बारहवीं क्लास की परीक्षा के पास करने के बाद से होती है। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) सभी प्रकार के मेडिकल साइंस में अंडरग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन के लिए सिंगल एंट्रेंस टेस्ट होता है। नीट क्वालीफाई करने के बाद वेटरनरी डॉक्टर बनने के लिए बीवीएससीएएच (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंसेज एंड एनिमल हसबेंडरी) कोर्स में एडमिशन की जरूरत होती है। यह कोर्स पांच वर्ष का होता है। इस कोर्स के साथ छह महीने की इंटर्नशिप भी होती है। इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कैंडिडेट इसमें मास्टर्स और पीएचडी की डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। आजकल इस कोर्स से जुड़े डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से आसानी से किए जा सकते हैं।

वेटरनरी डॉक्टर्स के प्रकार
वे टरनरी डॉक्टर्स के कोर्स उनके स्पेशलाइजेशन के आधार पर कई प्रकार के तय किए गए हैं-
कम्पेनियन एनिमल वेटरनेरियन : ये वेटरनरी डॉक्टर पालतू जानवरों व छोटे जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली और पक्षियों के रोगों का इलाज करते हैं।
एक्विन वेटरनेरियन : ये विशेषज्ञ घोड़ों के वेटरनरी डॉक्टर होते हैं।
फूड सेफ्टी एंड इंस्पेक्शन वेटरनेरियन : ये पशुओं के प्रमुख रोगों, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन के वेटरनरी डॉक्टर होते हैं।
फूड एनिमल वेटरनेरियन : ये डॉक्टर फार्म एनिमल्स के रोगों और चोटों का इलाज करते हैं।
रिसर्च वेटरनेरियन : ये डॉक्टर लैब में कार्य करते हैं और रिसर्च वर्क करते हैं।
वेटरनरी डर्मेटोलॉजिस्ट : जानवरों के त्वचा रोगों का इलाज ये डॉक्टर करते हैं।
वेटरनरी फार्माकोलॉजिस्ट : इनकी ओर से हॉस्पिटल के केयर में रखे गए जानवरों की सेहत के हैल्थ प्रोग्रेस को मॉनिटर किया जाता है।

कंसल्टेंट की अहम भूमिका
कंसल्टेंट के रूप में वेटरनरी डॉक्टर्स का अपॉइंटमेंट रेगुलर या पार्ट टाइम के आधार पर कई प्रकार के बिजनेस और कॉर्पोरेट हाउसेस की ओर से होता है। सरकारी क्षेत्र के शेल्टर आदि में इन कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाती है।

जॉब
व ल्र्ड इकोनॉमी के फास्ट डवलपमेंट के साथ वेटरनरी साइंस के ग्रेजुएट्स और पोस्ट ग्रेजुएट्स के लिए पूरी दुनिया में जॉब्स के अवसर में भी तेजी से इजाफा हुआ है।

कहां है रोजगार की संभावनाएं
सेल्फ – एम्प्लॉयमेंट और प्राइवेट प्रैक्टिस : एक वेटरनरी डॉक्टर प्राइवेट प्रेक्टिशनर के रूप में छोटे पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली, पक्षियों वगैरह के हैल्थ प्रॉब्लम्स से जुड़े हैल्थ एग्जामिनेशन, वैक्सीनेशन, ट्रीटमेंट, सर्जरी और इमरजेंसी केयर जैसी सुविधाएं देते हैं। वेट को स्मॉल एनिमल्स वेटरनेरियन कहते हैं।
रिसर्च में कॅरियर : वेटरनरी साइंस में हैल्थ प्रॉब्लम्स के ट्रीटमेंट, प्रिवेंशन, वैक्सीनेशन, केयर, सर्जरी आदि में नई दवाएं व टेक्नोलॉजी के इन्वेंशन के लिए रिसर्च अहम होता है। वेटरनरी साइंस के ग्रेजुएट्स, पोस्ट ग्रेजुएट्स और पीएचडी होल्डर्स रिसर्च में कॅरियर बना सकते हैं।

ज़ू वेटरनेरियन : गवर्नमेंट पार्क, जूलॉजिकल पार्क आदि के पशु-पक्षियों के इलाज व देखभाल के लिए वेटरनरी डॉक्टर्स और प्रोफेशनल्स फुल टाइम के लिए रखे जाते हैं। ये केयरटेकर होते हैं।

लार्ज एनिमल वेटरनेरियन : ये बीमार बड़े पशु-पक्षियों का फार्म हाउस व जूलॉजिकल गार्डन में जाकर इलाज करते हैं। स्पोट्र्स में भाग लेने वाले और एथलेटिक्स डोमेन के एनिमल्स के प्रॉपर हैल्थ केयर, सप्लीमेंट्री डाइट्स, मेडिसिन्स आदि लिखने का कार्य भी ऐसे वेट करते हैं। ये एनिमल ब्रीडर भी कहलाते हैं।

एजुकेशन : वेटरनरी प्रोफेशनल्स के लिए एजुकेशन का डोमेन भी अपार संभावनाओं से भरा है। वेटरनरी साइंस में मास्टर और पीएचडी डिग्रियों के साथ वेटरनरी डॉक्टर्स व प्रोफेशनल्स मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत कर सकते हैं।

डायग्नोस्टिक लैबोरेट्रीज : वेटरनरी साइंस के पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी शाखाओं में स्पेशलाइजेशन वाले वेटरनरी प्रोफेशनल्स वेटरनरी डायग्नोस्टिक लैबोरेट्रीज में जॉब्स प्राप्त कर सकते हैं।

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