कई स्तर पर हुई रिसर्च में यह सामने आया है कि जिस जगह पर व्यक्ति आराम करता है यानी सोता है उस जगह पर फोन न हो तो ही ज्यादा सही है। फोन के वहां होने से उनकी नींद पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही फोन की नीली रोशनी दिमाग को दिन में भी कई तरह से नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा जो भी कंटेंट हम फोन पर पढ़ते हैं वह हमारे दिमाग को हमेशा एक्टिव रखते हैं। ऐसे में रिसर्चर की मानें तो सोने से करीब एक घंटा पहले फोन को खुद से दूर कर देना चाहिए। इस लॉकडाउन के दौरान खुद को डिजिटली डिटॉक्स करने का सबसे बेहतरीन तरीका है नो फोन जोन बनाना। विशेषकर बेडरूम, डाइनिंग टेबल या जब भी फैमिली मेम्बर साथ बैठें, तब फोन का पास में न होना ज्यादा सही है। इससे आप फोन की आदत से पीछा छुड़ाकर खुद के लिए समय निकाल सकेंगे।

नोटिफिकेशन को बंद करें
ज रूरी नहीं कि आप हर समय स्मार्टफोन में मौजूद ऐप्स को ओपन कर वहां की एक्टिविटी से अपडेट रहें। इसके लिए आप चाहें तो ऐप्लीकेशन की सेटिंग में नोटिफिकेशन को ऑन कर सकते हैं। डिजिटली डिटॉक्स करने की प्रक्रिया में नोटिफिकेशन का एक सीमित समय रखें ताकि नोटिफिकेशन की अलर्ट टोन आपके दिमाग को पूरे समय एक्टिव रखने का काम न कर सके।

सीमित हो स्क्रीन टाइम
आइ एक्सपर्ट की मानें तो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अब फोन यूजर्स की आंखों से जुड़ी बीमारियां ज्यादा सामने आ रही हैं। स्मार्टफोन की स्क्रीन लाइट आंखों के रेटीना पर सीधा असर करती है जिससे आंखों में खिंचाव होने लगता है। इसलिए कोशिश करें कि जितनी जरूरत हो, उतना ही फोन पर समय बिताएं।

साइकोलॉजी में सुधार करें
स्मार्टफोन के प्रयोग का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि व्यक्ति का दिमाग हमेशा यह सोचने में लगा रहता है कि किसी ने उसे मैसेज या कॉल तो नहीं किया। या फिर कोई नोटिफिकेशन तो नहीं आया है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी साइकोलॉजी में सुधार करें वरना किसी के मैसेज या कॉल आने का इंतजार करना तनाव का रूप ले सकता है। यह सोचें कि जो भी होना होगा, फोन में रिंग बज जाएगी।

फोन की सफाई करें
डि जिटली डिटॉक्स होने के साथ डिजिटल सेनेटाइजेशन भी जरूरी है। गंदे हाथों से ही जब आप फोन को बार-बार छूते हैं तो इस पर मौजूद कीटाणु हाथों के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसलिए समय निकालकर फोन की सफाई करना भी जरूरी है। बेहद बारीक ब्रश से फोन के कोने-कोने को साफ करें। इससे यहां मौजूद धूल मिट्टी हट जाएगी। टिश्यू को हल्का गीला कर स्क्रीन साफ करें।

इन आदतों को बदलें
अ क्सर सुनने में आता है कि स्मार्टफोन में से कुछ ऐसी किरणें निकलती हैं, जो मानसिक और शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए हमें इसके रख-रखाव और प्रयोग को लेकर कुछ सावधानियों को अपनाना चाहिए। जानें इनके बारे में –
पास में न रखें : यदि आप लेट रहे हैं या सो रहे हैं तो कोशिश करें कि तकिए के बिल्कुल पास में फोन को रखकर न सोएं।

फिजिकली एक्टिव रहें : स्मार्टफोन का जरूरत से ज्यादा प्रयोग आपको शिथिल बना सकता है। इसलिए कोशिश करें कि इसके प्रयोग को कम करने के अलावा कुछ फिजिकल एक्टिविटी करें जैसे साइक्लिंग आदि।
स्क्रीन मोड का ध्यान रखें : आंखों पर ज्यादा तनाव न हो, इसके लिए समय को ध्यान में रखकर मोड को बदलें।

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