Friday, January 27, 2023
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हो जाएं सावधान! इस बीमारी में सोते हुए ही निकल जाती है जान

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी व्यस्त दिनचर्या में खानपान के तरीके में काफी बदलाव आया है जो हमारे स्वास्थ के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि खानपान सही नहीं होगा तो नींद भी अच्छी नहीं आती है। ये सभी चीजें सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं,  लेकिन ज्यादा से ज्यादा कमाई के चक्कर में लोग सेहत को दरकिनार कर देते हैं, और ऐसा करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है।

आपने महसूस किया होगा ज्यादा तनाव होनें पर नींद नहीं आती है। चाह कर भी पूरी रात बिना पलक झपकाए बीत जाती है। ऐसा कई दिन तक लगातार होने से गंभीर बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी के साथ एक ऐसी बीमारी दस्तक दे देती है जिससे ज्यादतर लोग अनजान होते हैं। इस बीमारी में सोते सोते कुछ सेकेंड के लिए सांस रुक जाती है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को खांसी आती है और सांस  फिर सुचारु रूप से चलने लगती है, पर पीड़ित इस समस्या से अनजान रहता है। ज्यादा लंबे समय तक यदि यह समस्या बनी रही तो पीड़ित को स्ट्रोक आने का खतरा बढ़ जता है, इस बीमारी को चिकित्सा की भाषा में स्लीप एपनिया कहते हैं।

स्लीप एपनिया के लक्षण

1-    स्लीप एपनिया होने पर सोते समय बेचैनी होती है।

2-    ऐसे व्यक्ति को तेज़ आवाज़ में खर्राटे आते हैं।

3-    सोते समय मुंह का सूखना

4-    सोकर उठने पर सिर दर्द रहना

5-    पूरे दिन शरीर सुस्त रहना और नीद आना

6-    चिड़चिड़ स्वभाव हो जाना

7-    एकाग्रता की कमी काम में मन नहीं लगना

किन लोगों को स्लीप एपनिया का ज्यादा होता है खतरा

जानकार बताते हैं कि 50-55 साल की उम्र के बाद जब शरीर कमज़ोर होने लगता है उस समय इस आयु के लोगों को स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐस ही लोगों को स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ जाता है। खास कर यदि परिवार में किसी को हाई बीपी, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत है तो ऐसे लोगों को और सतर्क रहना चाहिए । स्ट्रोक आने का ज्यादा खतरा ऐसे ही लोगों को होता है। यदि परिवार में किसी तरह ही जेनेटिक प्रॉबलम है तो ऐसे लोगों को और सतर्क रहने की आवश्यक्ता होती है।

कैसे करें स्लिप एपनिया से बचाव

यदि ऊपर बताए गए लक्षणो में से कोई भी लक्ष्ण दिखते हैं तो अपने चिकित्सक से मिल कर फौरन स्लीप एपनिया की जांच कराएं। इसके अलावा अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। यदि आप इन लक्षणों से पीड़ित नहीं भी हैं तो भी सिगरेट, शराब और दीगर नशे से दूरी बना  कर रखें, नहीं तो स्लीप एपनिया की बीमारी के चक्कर में फंस सकते हैं। स्वस्थ दुरुस्त रहने के लिए अपनी डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करें और एक्सरसाइज से दिनचर्या की शुरुआत करें।

 

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