Know About API: किन्हीं दो प्रोग्राम के बीच में मध्यस्थ के रूप में काम करता है ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआइ)। यह विभिन्न ऐप्स के लिए सूचनाओं, डेटा और पिक्चर्स आदि के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आसान बनाता है। जानें इसके अन्य फीचर्स के बारे में –

टास्क पूरा करे
एपीआइ सॉफ्टवेयर दो भिन्न प्रोग्रामों के अलावा प्रोग्राम के अंदर दो कंपोनेंट व इंफॉर्मेशन के आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार होता है। एपीआइ कम्प्यूटर कोड की तरह ही होता है और हमारी मॉडर्न इंफॉर्मेशन को तैयार करता है। यह अन्य ऐप्स को ऐसे फीचर देता है जिसमें एक ऐप दूसरे ऐप को कोई न कोई काम करने के लिए कह सकता है।

कार्यक्षमता बढ़ाए
प्रोग्राम की क्षमता को बढ़ाकर एपीआइ सॉफ्टवेयर बनाने और उसे बनाए रखने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। जैसे कि यह विभिन्न कार्यक्रमों को एक साथ बांधकर रखता है, ऐसे में इसे मानक प्रोटोकॉल का पालन करना होता है ताकि एपीआइ का प्रयोग करने वाला डेवलपर यह समझ सके कि इसे कोड में कैसे प्रयोग में लेना है।

कई हैं प्रयोग
आज के परिदृश्य को देखते हुए एपीआइ सॉफ्टवेयर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह किसी भी ऐप की कोडिंग को आसानी से समझकर कम समय में ही निर्देशों को समझ सके। एपीआइ इतना सक्षम डिजाइन किया होना चाहिए, कि वह किसी भी भाषा में लिखे प्रोग्राम या प्रयोग में ली गई कोई भी कोडिंग को समझकर काम कर सके।

खास प्रोटोकॉल
वर्तमान में प्रयोग के अनुसार एपीआइ स्पेसिफिकेशन को खास प्रोटोकॉल से तैयार किया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं रिमोट प्रोसीजर कॉल, सर्विस ऑब्जेक्ट एक्सेस प्रोटोकॉल, रिप्रेजेंटेशनल स्टेट ट्रांसफर और ग्राफ क्यूएल।

तुरंत रिफंड जारी करेगा पोर्टल
इनकम टैक्स का नया पोर्टल
आयकर विभाग ७ जून, 2021 को एक नया करदाता अनुकूल ई-फाइलिंग पोर्टल  को लॉन्च करने वाला है। इसका उद्देश्य करदाताओं को परेशानी से मुक्त और आरामदायक अनुभव प्रदान करना है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्सेज के अनुसार १-६ जून तक पुराना पोर्टल बंद रहेगा। जानें इस नए पोर्टल के फायदों के बारे में –

जल्द होंगे पेमेंट
इस नए पोर्टल को त्वरित रिफंड जारी करने के लिए आयकर रिटर्न के इमिजिएट प्रोसेसिंग के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके अलावा करदाता, फॉलो अप एक्शन के लिए सभी इंटरेक्शन, अपलोड या पेंडिंग एक्शन को सिंगल डैशबोर्ड पर कर पाएंगे। डेस्कटॉप पर पोर्टल के जो भी फंक्शन उपलब्ध होते थे, उन्हें मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराया जाएगा जिन्हें मोबाइल नेटवर्क के जरिए कभी भी एक्सेस कर सकते हैं।

मुफ्त में आइटीआर बनाएगा सॉफ्टवेयर
इस पोर्टल पर ऑनलाइन स्तर पर करदाताओं को आय पर रिटर्न फाइल करने में मदद के लिए एक मुफ्त आइटीआर तैयार करने वाला सॉफ्टवेयर मिलेगा। खास बात यह है कि यह ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध होगा। यहां पर करदाताओं की मदद के लिए संबंधित प्रश्न भी दिए गए हैं फिर चाहे उन्हें कर संबंधी जानकारी हो या नहीं। इस सॉफ्टवेयर की सहायता से करदाता समय से पहले रिटर्न को फाइल कर सकते हैं और डेटा एंट्री संबंधी मेहनत को कम कर सकेंगे। इस नए पोर्टल पर नए ऑनलाइन टैक्स पेमेंट सिस्टम को इस तरह सक्षम किया जाएगा, जिससे कि वह भुगतान के कई नए विकल्पों (आरटीजीएस/ एनईएफटी, नेट बैंकिंग, यूपीआइ) के साथ काम करने में सक्षम हो सके।

फेसबुक का एपीआइ
फेसबुक अपने सोशल ग्राफ और मार्केटिंग डेटा को अपने ग्राफ और मार्केटिंग एपीआइ के पेयर के प्रयोग से थर्ड पार्टी डेवलपर को उपलब्ध कराता है। ग्राफ एपीआइ फेसबुक सोशल ग्राफ तक पेज, यूजर, पोस्ट आदि के जरिए पढऩे व लिखने देता है, वहीं मार्केटिंग एपीआइ फेसबुक एड तक पहुंच बनाता है।

सोशल बिजनेस
ट्विटर भी एपीआइ का प्रयोग करता है। यह एक वेब आधारित ट्विटर एपीआइ प्रदान करता है, जो डेवलपर्स को ट्वीट बनाने, प्रकाशित ट्वीट की खोज करने और यहां तक कि पसंदीदा ट्वीट को विभिन्न प्रोग्राम की मदद से पेश करने देता है। यह एपीआइ ट्वीट नोटिफिकेशन भी देता है।

चार प्रकार के हैं एपीआइ
प्राइवेट एपीआइ, पार्टनर एपीआइ, पब्लिक एपीआइ और कम्पोजिट एपीआइ चार प्रमुख प्रकार हैं। ये सभी एक जैसे नहीं हैं। इनके प्रयोग के आधार पर इनमें अंतर को समझा जा सकता है। खास बात यह है कि इनमें से कुछ एपीआइ फ्री होते हैं और कुछ पेड।

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