देश के फर्नीचर सेक्टर में घरेलू बाजार एवं निर्यात की नई संभावनाओं का जो परिदृश्य उभरकर दिखाई दे रहा है, उससे फर्नीचर सेक्टर में कॅरियर की चमकीली संभावनाएं उभरकर दिखाई दे रही हैं। गौरतलब है कि देश में फर्नीचर उद्योग के विकास के मद्देनजर सरकार ने दो बड़े लक्ष्यों के लिए नई रणनीति बनाई है। एक, देश में चीन से होने वाले करीब एक अरब डॉलर के फर्नीचर आयात को कम करने के मद्देनजर आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश के फर्नीचर उद्योग को हरसंभव प्रोत्साहन देना और दूसरा, वैश्विक फर्नीचर निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी एक फीसद से अधिक करने और भारत से किए जा रहे फर्नीचर निर्यात के करीब १.६ अरब डॉलर के आकार को तेजी से बढ़ाना। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रणनीतिक कदम आगे बढ़ाए हैं। जिस तरह चीन का फर्नीचर सेक्टर अपने विशालकाय फर्नीचर क्लस्टर के कारण दुनियाभर में सबसे आगे है, उसी आधार पर अब भारत में भी फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने की रणनीति सुनिश्चित की गई है। इससे युवाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

जरूरी स्किल्स
फ र्नीचर सेक्टर में कॅरियर बनाने के लिए फर्नीचर डिजाइनिंग की बुनियाद जरूरी है। इसके लिए रचनात्मक और कलात्मक पहलू का मजबूत होना जरूरी है। कम्प्यूटर व कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छी होनी चाहिए। मार्केटिंग स्किल्स तथा बिजनेस की भी समझ अनिवार्य है। चूंकि फर्नीचर डिजाइनर का काम एक बेजान लकड़ी में जान डालकर उसे बदलते बाजार के अनुरूप आकर्षक रूप देना होता है। इसलिए फर्नीचर डिजाइनिंग के क्षेत्र में काम करने के लिए मार्केट में डिजाइनिंग को लेकर क्या कुछ नया किया जा रहा है, उस ओर भी पैनी नजर रखनी होती है।

संबंधित कोर्स
फर्नीचर डिजाइनिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए १२वीं पास होना जरूरी है। फर्नीचर डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री व पीजी के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इंटीरियर डिजाइनिंग के तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में भी फर्नीचर डिजाइनिंग एक अहम भाग होता है।

क्षेत्र से जुड़ी योग्यता
नई-नई फर्नीचर की डिजाइनों और विविध उपयोगिताओं के कारण फर्नीचर सेक्टर में रोजगार और स्वरोजगार के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें फर्नीचर डिजाइनिंग और मार्केटिंग से संबंधित विभिन्न तरह के कॅरियर के मौके हैं। किसी प्रतिष्ठित संस्थान से फर्नीचर डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद किसी भी डिजाइनर के साथ काम कर सकते हैं। भारत में फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में कई विदेशी कंपनियां भी आ चुकी हैं। स्वयं का रोजगार शुरू करना चाहते हैं तो डिग्री, डिप्लोमा के आधार पर बैंक से ऋण मिल जाता है। फर्नीचर की कई कंपनियोंं नियुक्तियां होती हैं।

कॅरियर की संभावनाएं हैं अपार
देश के फर्नीचर विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय भारत में फर्नीचर का संगठित बाजार करीब ५ अरब डॉलर है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०२० से भारत की फर्नीचर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ते हुए २०२४ तक करीब ५० अरब डॉलर के आकार की ऊंचाई पर पहुंच सकती है। ऐसे में बाजार के कई गुना बढऩे की संभावनाओं के मद्देनजर इस सेक्टर में कॅरियर के मौके भी कई गुना बढऩा संभावित है। अभी भारत अपना अधिकतर ब्रांडेड फर्नीचर मुख्य रूप से चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया, इटली व थायलंैड से आयात करता है।

यहां करें कोर्स
देशभर में कई प्रतिष्ठित संस्थानों से डिजाइनिंग विशेषकर फर्नीचर को डिजाइन करने के कोर्स संचालित किए जाते हैं।

देश में जहां फर्नीचर डिजाइनिंग के लिए प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग केंद्र हैं। वहीं दूसरी ओर विभिन्न राज्यों में कई संस्थाओं में फर्नीचर डिजाइनिंग से संबंधित विभिन्न कोर्स उपलब्ध हैं। अपनी उपयुक्तता के अनुरूप किसी गुणवत्तापूर्ण संस्थान से फर्नीचर डिजाइनिंग से जुड़ा कोर्स कर फर्नीचर सेक्टर में अच्छे कॅरियर की डगर पर आगे बढ़ सकते हैं।

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