Fake news checker: हर किसी के लिए गूगल ऐसी जगह है, जहां वे दुनिया के हर सवाल का जवाब आसानी से पा सकते हैं। ऐसे में कई बार यूजर को सही के साथ गलत खबरों का भी सामना करना पड़ता है। आए दिन कोई न कोई ऐसी खबर सामने आती है जिसके बारे में बाद में पता चलता है कि वह फेक न्यूज है। लेकिन ऐसा क्या करें कि फेक न्यूज का पता चल जाए। हाल ही गूगल ने इनपुट/आउटपुट २०२१ इवेंट में ऐसे फीचर को लॉन्च किया है जो यूजर द्वारा खोजे गए लिंक के स्रोत की जानकारी देगा।

सो शल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म ने फेक न्यूज की पहचान के लिए कई कदम उठाए हैं। गूगल के अनुसार खास फीचर यूजर की समस्या और जानकारी को एक साथ जोड़कर खोज करेगा।

विकिपीडिया के साथ काम करेगा गूगल
हाल ही गूगल के इनपुट/आउटपुट 2021 इवेंट में गूगल ने ‘अबाउट दिस रिजल्टÓ फीचर को लॉन्च करने की बात कही थी। खास बात यह है कि यह फीचर यूजर को उनके द्वारा सर्च किए गए रिजल्ट का सोर्स बताएगा। इसके लिए गूगल, विकिपीडिया के साथ काम कर रहा है। इसके तहत कोई भी विशेष साइट कैसे खुद को जाहिर करती है और क्या विकिपीडिया पर उसका लिंक जुड़ा हुआ है या नहीं, के बारे में जानकारी देगी। जिस तरह से विकिपीडिया एक ओपन एडिटिंग मॉडल है, ऐसे में हजारों वॉलंटियर्स यहां पर विश्वसनीय, अपटूडेट और सत्यापित कंटेंट को जोड़ते हैं। इसके अलावा गूगल फेक न्यूज से बचने के लिए गूगल सर्च बॉक्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ भी प्रयोग कर रहा है, जिसे मम कहते हैं। यह भाषा, जानकारी, टेक्स्ट, इमेज और वीडियोज आदि को भी ट्रांसफर कर सकता है।

सोशल मीडिया की समस्या
इंटरनेट यूजर के अलावा बात चाहे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, वॉट्सऐप, ट्विटर आदि) की करें, फेक न्यूज के चर्चे खत्म होने का नाम ही नहीं लेते हैं। ऐसे में ट्विटर ने ऐसी खबरों की पहचान के लिए ‘मनीपुलेटेड मीडियाÓ नाम का लेबल लगाना शुरू किया है। वहीं फेसबुक और गूगल ने भी कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे इस तरह की खबरों की पहचान आसानी से हो सके। ऐसे में गूगल का ‘अबाउट दिस रिजल्टÓ फीचर बेहद उपयोगी साबित हो रहा है ताकि इंटरनेट यूजर को सही एवं पुख्ता खबरें पढऩे को मिलें।

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