भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), मद्रास ने क्वांटम कम्प्यूटर शिक्षा और रिसर्च पर आइबीएम के साथ सहयोग किया है। क्वांटम कम्प्यूटिंग में जॉइंट रिसर्च कर तेजी लाने और पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए संस्थान की फैकल्टी, रिसर्चर और स्टूडेंट्स को आइबीएम के क्वांटम सिस्टम और उपकरणों तक पहुंच प्राप्त होगी।

संयुक्त रूप से करेंगे काम
आ इआइटी मद्रास में क्वांटम कम्प्यूटिंग लैब स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए पाठ्यक्रमों की मेजबानी करेगा। इसकी फैकल्टी और आइबीएम के रिसर्चर की ओर से संयुक्त रूप से पढ़ाए जाने वाले क्वांटम कम्प्यूटिंग लैब पाठ्यक्रमों में आइबीएम क्वांटम सिस्टम पर प्रायोगिक प्रयोगशाला सत्र शामिल होंगे और क्वांटम सूचना और कम्प्यूटिंग पर मौजूदा पाठ्यक्रमों में वृद्धि होगी। आइबीएम, फैकल्टी और स्टूडेंट्स के लिए जरूरी शिक्षण संसाधन, टूल्स व सिस्टम एक्सेस प्रदान करेगा।

जटिल समस्याओं को करेेगा हल
आ इआइटी, मद्रास में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अनिल प्रभाकर के अनुसार क्वांटम कम्प्यूटिंग सभी शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल रूप से जटिल समस्याओं को हल करने का अवसर देगा। इन्होंने क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन के स्वदेशी विकास के नेतृत्व की भूमिका निभाई है। इस तरह के क्यूकेडी प्रोटोकॉल क्वांटम नेटवर्क के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स को बनाते हैं, जो सिस्टम के संचार को सुरक्षित करेंगे। साथ ही फोटोनिक क्वांटम कम्प्यूटिंग और ब्लाइंड कम्प्यूटिंग जैसे नए प्रतिमानों को भी सक्षम बनाएगा।

आइआइटी मद्रास ने जुलाई, २०२० में क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजीज (क्यूएस्ट) पर इंटरडिसिप्लिनरी डुअल डिग्री प्रोग्राम (आइडीडीडी) भी शुरू किया है।

आइआइटी मद्रास क्वांटम कम्प्यूटिंग लैब स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों के लिए कोर्सेज की मेजबानी करेगा।

शिक्षकों के लिए है बेहतर सुविधा देगा
आइबीएम रिसर्च इंडिया की निदेशक गार्गी दासगुप्ता के अनुसार उनके समय में क्वांटम कम्प्यूटिंग तेजी से उभरकर सामने आई है। आइआइटी मद्रास के साथ यह सहयोग आइबीएम क्वांटम एजुकेटर्स प्रोग्राम का हिस्सा है, जो क्वांटम क्षेत्र में शिक्षकों को एक-दूसरे से जुडऩे में मदद करेगा। साथ ही यह आवश्यक शिक्षण संसाधन, उपकरण और सिस्टम एक्सेस प्रदान कर शिक्षण अनुभव और बेहतर बनाएगा।

पेस्ड वॉकिंग फीचर रखेगा आपको फिट

गूगल ने हाल ही पेस्ड वॉकिंग के नाम से नया फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर बेस्ट वॉकिंग गोल्स हासिल करने में मदद करेगा। साथ ही ऑडियो बीट के जरिए यूजर को हर स्टेप की जानकारी मिलेगी। यह फीचर गूगल फिट पर उपलब्ध रहेगा। अच्छी बात यह है कि यह दुनियाभर में ज्यादातर एंड्रॉइड फोन के लिए उपलब्ध है। इस फीचर की मदद से वॉकिंग के दौरान आपको सटीक वॉकिंग स्पीड हासिल करने में मदद मिलेगी। यह एक ऐप बेस्ड फीचर है, जिसकी मदद से आपको बिल्कुल नेचुरल वॉकिंग स्पीड मिलती है। इससे यूजर को साइकिल राइडिंग समेत तमाम तरह के हैल्थ बेनिफिट्स मिलेंगे। पेस वॉकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो गूगल फिट पर आपको हर्ट पॉइंट मिलेंगे। इस फीचर का लाभ स्वस्थ रहने के लिए उठा सकते हैं।

गूगल मीट ने किए वीडियो बैकग्राउंड लॉन्च
वी डियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म गूगल मीट में जल्द ही वीडियो बैकग्राउंड फीचर आएगा। वीडियो बैकग्राउंड का सपोर्ट सबसे पहले वेब यूजर को मिलेगा और कुछ महीनों के बाद यह मोबाइल यूजर के लिए उपलब्ध होगा। वीडियो बैकग्राउंड के जरिए यूजर्स की प्राइवेसी बनी रहेगी। साथ ही इससे यूजर्स का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अनुभव बेहतर होगा। यूजर्स को गूगल मीट में क्लास रूम, पार्टी और फॉरेस्ट का बैकग्राउंड मिलेगा। मीट ऐप को बेहतर बनाने के लिए इसमें वीडियो फीड से लेकर बॉटम बार तक को जोड़ा जाएगा। इस फीचर के अलावा गूगल के यूजर्स अपने हिसाब से ऑनलाइन मीटिंग को कंट्रोल कर सकेंगे।

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