Lahsun chatni recipe in hindi: राजस्थान में सबसे ज्यादा फेमस और वास्तविक लाइफ में यह सुबह और शाम के खाने में शामिल होती है। होटल में भी इसे मेनू में रखा जाता है। तीखा खाने के शौक़ीन खासतौर पर यह पहली पसंद के तौर पर रखते हैं। काचरी राजस्थान में बहुत होती है। बाजरे की फसल में इसकी बेल बहुत फल देती है। सीजन के वक्त इन्हे छीलकर सूखा लिया जाता है। सूखी हुई काचरी कभी खराब नहीं होती। ऐसे में इन्हे लहसून के साथ चटनी बनाकर खाने के काम में लिया जा सकता है। काचरी की सब्जी और आचार भी बनाया जाता है। राजस्थान में खाई जाने वाली इन चीजों को दुनिया भर के लोग बड़े चाव से खाते हैं। आइए जानते हैं लहसून और काचरी की चटनी की रेसिपी के बारे में…

लहसून और काचरी की चटनी बनाने की रेसिपी

लहसून की छिली हुई कलियां लेनी है मेंबर्स के अनुसार और 4 से 5 काचरी लेनी है। इन्हे मिक्सर और ग्राइंडर में नहीं पीसना। इसके लिए सिलबट्टे पर पीसना है। लहसून, काचरी, लाल मिर्च स्वादानुसार और नामक डालकर अच्छे से पीस लें। इस पीसी हुई चटनी को कच्ची चटनी बोलते हैं। स्वाद में कच्ची चटनी भी बहुत अच्छी लगती है। लेकिन नई जनरेशन के लिए इस चटनी को आप फ्राई कर सकते हैं। कच्ची और फ्राई चटनी को आप भोजन में शामिल कर सकते हैं।

लहसून की चटनी खाने के फायदे

लहसून में किसी प्रकार का यूरिया और रसायन नहीं काम में लिया जाता। गाँव के लोग चटनी और कच्चे प्याज के साथ ही रोटी खा लिया करते हैं। वे सब्जी और तेल की चीजें खाना पसंद नहीं करते। सब्जी पूरी तरह से रसायनों से ही पैदा हो रही है। सब्जी की जगह एक वक्त दाल और चटनी जैसे विकल्प को भी अपना सकते हैं।

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