ऑफिस में अक्सर देखने को मिलता है कि कर्मचारी चाहे महिला हो या पुरुष, काम के अलावा वे बातों में मशगूल दिखते हैं। इससे प्रोफेशनल लाइफ के तहत उनकी परफॉर्मेंस व छवि, दोनों खराब होती है, साथ ही पर्सनल लाइफ पर भी इसका असर पड़ सकता है। विशेषकर यदि कर्मचारी महिला है तो माना जाता है कि वह ऑफिस में केवल बातचीत करने जाती है। कोविडकाल में भी कई ऑफिस में कार्य चालू हैं। ऐसे में अपनी छवि और पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखने के लिए वर्कप्लेस में कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखें ताकि अपनी परफॉर्मेंस बेहतर तरीके से दे पाएं।

पर्सनल बातों को साझा न करें
पर्सनल लाइफ में हर कोई किसी न किसी परेशानी से जूझता है। इससे वह व्यक्ति मानसिक तौर पर डिप्रेशन से भी गुजर रहा होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपनी परेशानी हर किसी को बताएं। विशेषकर वर्कप्लेस पर केवल अपने काम पर फोकस करें। अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातों को दूसरों से साझा करने पर वे इसे गलत भी ले सकते हैं। हो सकता है, वे ये सब बातें जानकर आपकी कमजोरी का फायदा उठाएं। ऐसे में यदि आपको ऐसा लगे कि आपका कलीग, सहकर्मी से ज्यादा आपका अच्छा दोस्त है तो भी उससे पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें ऑफिस से बाहर करें और या फिर ब्रेकटाइम में करें ताकि इसका असर काम पर न पड़ सके।

बुराइयों से बचें
ऑ फिस कल्चर में दूसरों की बुराई, गॉसिप या पॉलिटिक्स करना आम बात है। लेकिन ऐसी बातें सिर्फ आप तक और फिर जिसे आपने बताई है, उस तक सीमित नहीं होती। ये बातें एक व्यक्ति से दूसरे तक आसानी से ट्रांसफर होती हैं। घूम फिरकर जब बातें बॉस तक जाती हंै तो इससे आपकी गलत छवि बनती है और परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है।

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