बीसीसीआई द्वारा वनडे टीम इंडिया की कप्तानी से विराट कोहली को हटाए जाने के बाद से ही विवाद बढ़ता जा रहा है। बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली द्वारा सफाई में दिए गए बयान को विराट कोहली ने सिरे से नकार दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कोहली ने कहा कि जो बातें उन्होंने कही है, ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा के विराट कोहली पर दिए बयान से लगता है कि अब विवाद खत्म हो चुका है। मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने बीसीसीआई की मीटिंग से लेकर उनके साथ हुई पूरी बातचीत का भी जिक्र भी किया।

अब इस पूरे विवाद पर टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक अंग्रेजी अख़बार से खास बातचीत में बताया है कि कैसे इस विवाद को खत्म किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने सौरव गांगुली को आगे आने को कहा है।

शास्त्री ने कहा, “इस मसले को बातचीत के साथ सुलझाया जा सकता है। यह सभी बातें सार्वजनिक करने के बजाए, आपसी संवाद के जरिए भी की जा सकती थी। विराट कोहली ने अपना पक्ष बता दिया हैं। अब बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को स्पष्टीकरण देना चाहिए। सवाल यह नहीं है कि कौन झूठ बोल रहा है? सवाल यह है कि सच क्या है? हम यह जानना चाहते हैं की हुआ था उस मीटिंग में।

इंडियन एक्सप्रेस के ई-अड्डा पर कोच रहने के दौरान के वाकये पर शास्त्री ने कहा कि मैं इस तरह की बातों को कभी अहमियत नहीं देता। लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी है। लेकिन इसका ये थोड़े ही मतलब है कि मैं शामिल हो जाऊं। हम दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे। समान विचारधारा होने से कभी भी कोई ग़लतफ़हमी और दिक्क्तें नहीं आई। मैं जब किसी भी खिलाड़ी को उसके और टीम हित के लिए बोलता था। इसका फायदा खिलाड़ी खुद के खेल पर ज्यादा फोकस करने में मिलता भी था।

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