राजस्थान रीट परीक्षा सरकार के लिए गले की फांस बनती जा रही है। गोविन्द डोटासरा भी किसी के सामने आने को तैयार नहीं है। क्योंकि पूर्व में उन्होंने सीधे पेपर लीक के दावे को चुनौती दी थी। सरकार के पास विकल्प के तौर पर सिर्फ रीट परीक्षा को रद्द करना ही बचा है , क्योंकि सांसद किरोड़ी लाल मीणा यह साफ़ कर दिया है कि सीबीआई जांच होने पर कई बड़े नेताओं के रिश्तेदार गिरफ्त में आएँगे। ऐसे में उम्मीदवार भी सिर्फ रीट परीक्षा में हुई धांधली की जांच करवाना चाहते हैं।

REET 2021 CBI Investigation Latest Update

रद्द नहीं हो रीट
मेहनत कर रहे युवाओं का कहना है कि रीट परीक्षा को रद्द नहीं करके पदों की संख्या को 50 हजार किया जाना चाहिए। और परीक्षा में जिन उम्मीदवारों के पास पर्चा पहुंच गया था, उनको परीक्षा से हटा दिया जाए। 3 साल से मेहनत कर रहे बच्चों की तरफ सरकार का ध्यान होना चाहिए। किसान के बच्चे जमीन को गिरवी रखकर और पता नहीं कैसे बाहर शहरों में तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में परीक्षा के बार बार रद्द होने से उनका मनोबल भी टूटता है।

सांसद किरोड़ी लाल मीणा और उपेन यादव सहित प्रदेश के युवा रीट परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं। आज सीबीआई जांच हो लेकर कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। जल्द सीबीआई को जांच मिलने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

आरपीएससी चैयरमेन हबीब गौरान, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के बीएल जाटावत और अब शिक्षा बोर्ड के डीपी जारोली। क्या ऐसे लोगों को सरकार खुद इसी मकसद से चुनती है। कौन और कैसे इन बोर्ड का चैयरमेन बनेगा और किस प्रकार से भर्तियां करेगा। जांच का सीबीआई से होना जरुरी है। परीक्षा रद्द होने से हजारों बच्चों का मनोबल टूटेगा।

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