राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर की ओर से संस्कृत शिक्षा विभाग के लिए प्रधानाध्यापक, प्रवेशिका विद्यालयों के कुल 83 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें 29 पद सामान्य वर्ग, 15 पद एससी वर्ग, 10 पद एसटी वर्ग, 17 पद ओबीसी वर्ग, 4 पद एमबीसी पद और 8 पद इडब्ल्यूएस वर्ग के आवेदकों के लिए रखे गए हैं। अभ्यर्थी 13 जुलाई, 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कैसे करें आवेदन
योग्य व इच्छुक आवेदक वेबसाइट द्धह्लह्लश्चह्य://ह्म्श्चह्यष्.ह्म्ड्डद्भड्डह्यह्लद्धड्डठ्ठ.द्दश1.द्बठ्ठ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, सामान्य वर्ग एवं राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के ओबीसी/एमबीसी वर्ग के आवेदकों को 350 रुपए का परीक्षा शुल्क देना होगा। अन्य श्रेणियों के परीक्षा शुल्क व अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जा सकते हैं।

क्या है योग्यता
प्रधानाध्यापक के पदों के लिए शास्त्री में सेकंड क्लास/न्यूनतम 48 फीसदी माक्र्स के साथ बैचलर्स डिग्री (साइंस/आट्र्स ग्रुप) और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन द्वारा मान्य शिक्षा शास्त्री/डिग्री या डिप्लोमा इन एजुकेशन होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही, आवेदकों के पास किसी स्कूल में पढ़ाने का न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव होना भी जरूरी है।
इसके अलावा, आवेदकों के लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार एक जुलाई, 2022 को योग्य अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
वहीं, आवेदकों की अधिकतम उम्र 40 वर्ष से कम होनी चाहिए।

एमपी हाईकोर्ट में निकलीं 14 वैकेंसी
म ध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जिला विधिक सहायता अधिकारी (प्रवेश स्तर) द्वितीय श्रेणी के पदों के लिए 14 वैकेंसी निकाली गई हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 जून, 2021 से शुरू होगी। कुल 14 पदों में से सामान्य वर्ग के सात, ओबीसी के लिए 2, एससी के लिए 3 और एसटी के लिए 3 पद रखे गए हैं। भर्ती परीक्षा के जरिए होगी, जिसकी तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी। आवेदकों का किसी भी मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेज या विश्वविद्यालय से एलएलबी होना अनिवार्य है। आवेदकों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन शुल्क सामान्य और मध्य प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए 922 रुपए और अन्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 722 रुपए है। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट द्धह्लह्लश्चह्य://द्वश्चद्धष्.द्दश1.द्बठ्ठ देखें।

उगता और अस्त होता सूरज लाल क्यों होता है?
चूंकि उगते और अस्त होते समय सूर्य क्षितिज के निकट होता है। इसलिए प्रकाश को वायुमंडल में अधिक चलना पड़ता है। लाल रंग के प्रकाश का तरंगदैघ्र्य सबसे अधिक होने के कारण इसकी किरणें बहुत कम बिखरती हैं और शेष रंग वायुमंडल में बिखर जाते हैं। यही कारण है कि उगता और अस्त होता हुआ सूरज लाल प्रतीत होता है।
गाड़ी को स्टार्ट करते समय उसकी हेडलाइट्स मंद क्यों पड़ जाती हैं?
गाड़ी स्टार्ट करते समय स्टार्टर की ओर से बैटरी से उच्च धारा प्रवाहित होती है, जिससे बैटरी में विभव पतन बढ़ जाता है और बैटरी के प्लेटों के बीच विभवान्तर का मान बहुत कम हो जाता है। इसी वजह से गाड़ी स्टार्ट करते समय हेडलाइट्स मंद पड़ जाती हैं।
जुगनू प्रकाश क्यों देता है?
जुगनू में एक ग्रंथि होती है, जिससे फॉस्फोरस जैसा पदार्थ रुक-रुक कर ावित होता रहता है, जिसे लुसीफेरिन (रुह्वष्द्बद्घद्गह्म्द्बठ्ठ) कहा जाता है। हवा के सम्पर्क में आने से यह जलता हुआ प्रतीत होता है। यही कारण है कि जुगनू प्रकाश देता है।
आपकी परछाई सूर्यास्त और सूर्योदय के समय बड़ी लेकिन दोपहर में छोटी होती है। ऐसा क्यों होता है?
दोपहर में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लंबवत पड़ती हैं, लेकिन सूर्यास्त तथा सूर्योदय के समय तिरछी होती हैं। यही कारण है कि सूर्यास्त तथा सूर्योदय के समय छाया बड़ी होती है तथा दोपहर में छोटी होती है।
बारिश के दिनों में ज्यादा पसीना क्यों आता है?
बारिश के दिनों में वायुमंडल की आर्द्रता अधिक होती है, ताप अधिक होने के कारण शरीर से निकले पसीने का वाष्पीकरण नहीं हो पाता, जिसके कारण ऐसा प्रतीत होता है कि शरीर से पसीना अधिक निकल रहा है।

Latest News