Aadar Linking to Driving Licence  सरकार फर्जीवाड़े को लेकर सख्त और कड़े फैसले लेने पर मजबूर है।  नियम अब जो भी बनाए जा रहे हैं उन्हें तोडना बहुत मुश्किल है क्योंकि अब आधार से लिंक होने के बाद तमाम कागजात एक जगह दिखाई देने लगेंगे। ड्राइविंग लाइसेंस भी इसी दायरे में आ गया है।  वाहन चालकों की पहचान और लाइसेंस में होने वाली धांधलियों को रोकने के लिए आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। प्रदेश भर में एक जुलाई से यह व्यवस्था व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसमें नए व् पुराने लाइसेंस को रिन्यूअल कराने पर चालाक को आधार कार्ड की कॉपी लगानी होगी।  इसके बाद आगे प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों पर वाहन चालकों के लाइसेंस को भी आधार कार्ड से लिंक कराया जाएगा। बैंकिंग व् अन्य सेवाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद लाइसेंस मे आधार की अनिवार्यता बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे देश में कहीं भी वाहन चालाक की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।  दुर्घटना की स्थिति में चालकों की डिटेल निकलना आसान होगा।

लाइसेंस आधार कार्ड से जोड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा की व्यक्ति दो स्थानों पर लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। अब तक की ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे दो लाइसेंस बनाने से रोका जा सके।  कई वाहन चालक थोड़ा बहुत प्रमाण पत्रों में हेरफेर करके लाइसेंस बनवा लेते हैं। ये लाइसेंस कई बार अपराध में भी सहायक बनते थे।  इसके अलावा जब चालक का लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाता है तो बाह दूसरे जिले में जाकर कुछ दिन बाद लाइसेंस बनवा लेता है, आधार कार्ड से जुड़ने के बाद वह ऐसा नहीं कर सकेगा। एक ही क्लिक से ड्राइविंग लाइसेंस धारक की पूरी जानकारी निकल जाएगी।

सभी लाइसेंस आधार से लिंक होंगे, इन्हे लिंक करवाने के लिए बाद में कुछ समय भी दिया जा सकता है।  आधार से नहीं जुड़ने वाले ड्राइविंग लाइसेंस पर परिवहन विभाग द्वारा कार्यवाही की जाएगी।   व्यवस्था जुलाई से लागू कर दी गई है।  शुरुआत के बाद सभी लइसेंसधारी को एक नियत समय का मौका दिया जाएगा।  दिए गए समय में आधार लिंक नहीं करवाने की स्थिति में लाइसेंस पर कार्यवाही की जाएगी।  सभी ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करवाना जरुरी है।

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