दुनिया पर मंडरा रहा  तीसरे विश्व युद्ध का खतरा!

क्या दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध ने  दस्तक दे दी है? लगता है इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन के खिलाफ एकजुट दिख रहे देश अपनी अंदर की सच्चाई दिखने लगे है।  क्या हमेशा की तरह एक बार फिर अमेरिका और रूस आमने सामने होंगे ? क्या इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई विश्व युद्ध में तब्दील होगी ? चिंता का विषय बनता जा रहा है इसके ऊपर उठने  वाले सवाल। देशो की सच्चाई सामने आ रही है। इसका उदाहरण जब  रूस के   विमान का  सीरिया में आतंकी ठिकानो पर बमबारी कर लौटते वक्त गिराया जाना।  अमरीका और रूस के बीच आपसी खींचतान का परिणाम सामने आया जब तुर्की ने रूस के विमान को मिसाइल दागकर  गिराया गया।

नाटो की शीत युद्ध के बाद यह रूस की सबसे बड़ी कार्रवाई है। रूस के राष्ट्रपति ने विमान गिराने की घटना को  बहुत बड़ा धोखा  करार दिया।
पुतिन ने स्पष्ट किया किया की तुर्की को इसके परिणाम भुगतने होंगे। और दुनिया भर के लोगों को तुर्की में रहने के लिए और जाने के लिए मना भी किया।
बहुत ही कड़े रुख अपनाने वाले पुतिन का यह बयान नजर अंदाज नहीं किया सकता। कुछ दिनों पहले मिश्र में रूस के विमान को ISIS  द्वारा गिराये जाने पर पुतिन ने आतंकी संगठन के खिलाफ दुनिया भर में उनके ठिकानो पर जंग छेड़ने को कहा था।
isis के खिलाफ हमले के दौरान तुर्की द्वारा विमान गिराये जाने पर रूस को काफी झटका लगा। माने तो पुतिन के द्वारा अल्प समय में लिए गए फैसले पूरी दुनिया को जंग के मैदान में खड़ा कर देंगे।

नाटो की आपातकल बैठक
तनाव को ज्यादा ही बढ़ता देख तुर्की ने आपातकाल बैठक बुलाई और बैठक में हमले को लेकर काफी बहस हुई जिसके बाद फैसला लिया गया की तुर्की के साथ सभी देश खड़े है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन में कुल 28 देश  शामिल है। नाटो का गठन भी रूस के खिलाफ 1949 में किया गया।  नाटो का रक्षा बजट पूरी दुनिया के रक्षा बजट का  70 प्रतिशत है जो बहुत ज्यादा है।
वही रूस बदले की तैयारी में है और सीरिया समुद्र में मिसाइलों से लेस जहाज की तैनाती कर दी है साथ ही प्रत्येक लड़ाकू विमान को दूसरे से कवर किया गया है।  सीरिया के  इलाके पर दबदबे को लेकर रूस और तुर्की आमने सामने है।

रूस के द्वारा बनाये गए वॉर  रूम पर भी खासी चर्चा हो रही है।
दुनिया ने जब मास्को में बने रूस के वॉर की तशवरें देखि तो चौकना वाजिब था।  यहाँ इतनी बड़ी ईमारत में फुटबॉल के मैदान की जैसी स्क्रीन लगी थी जिस पर लाइव बमबारी और सैन्य कार्यवाही को बारीकी से देखा जाता है।   बम गिराने से लेकर जमीं पर होने वाली हलचल पर नजर राखी जाती है। दस  साल तो ऐसे बनाने में लग गए।  यह वॉर रूम युद्ध के खिलाफ रणनीति बनाने और युद्ध के दौरान नजर रखकर कार्रवाई करने के लिहाज से बनाया गया है  यहाँ से दुनिया के किसी भी कोने में किसी भी वक्त संपर्क किया जा सकता है 

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