भाषण के वक्त भावुक हुए पीएम, 50 दिन मुझे दो फिर गलती निकले तो हर सजा मंजूर
गोवा के पणजी में भाषण में नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री   मोदी ने भारतवासियों को संबोधित करते हुए भावुक अपील की है। मोदी ने  कहा कि कालेधन पर हमारे बहुत गुप्त ऑपरेशन से बेईमानों की रातों की नींद उड़ी हैं, ये लड़ाई ईमानदारी की कालेधन  पर लड़ाई है और ईमानदारों के  ही भरोसे हम लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन के आखिर में   भावुक हो गए और देशवासियों से 50 दिन उनका साथ देने की अपील की। 

modi speech in goa

नोटबंदी पर हो रहा  दस महीने से लगातार काम 
नोटबंदी के फैसले पर  बोलते हुए मोदी ने  कहा कि दस महीने से लगातार काम में लगा हूँ । ये लोग ऐसे   हैं कि पता चलते ही  , तो अपना काम निकाल लेते । मैंने उस रात को भी जनता से कहा था कि इस निर्णय से तकलीफ और असुविधा तो होगी। लेकिन आज मैं उन  देशवासियों के  सामने सिर झुकाता हूं कि रात भर लाइन में खड़े रह रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैंककर्मियों का भी दिल से अभिनंदन किया और कहा कि इस वक्त  वे सबसे ज्यादा काम कर रहे हैं। और मैंने सोशल मीडिया में यह  देखा कि रिटायर्ड बैंक के कर्मचारी भी बैंक गए और काम करने के लिए आगे आए। मैं उन सभी का अभिनंदन करता हूं। मैं उन नौजवानों का भी अभिनंदन करता हूं, जो अपने खर्चे पर लाइन में लगे लोगों की देखभाल कर रहे हैं, । इस योजना की सफलता मेरी  घोषणा से नहीं, ऐसे लोगों से ही चलता है।

मतदाता सूची पर भी चलेगा  काम
 नोटबंदी के बाद  प्रधानमंत्री ने मतदाता सूची पर भी अपनी बात रखी और कहा कि मतदान  के दिन शिकायत आती है, जबकि इससे पहले सभी पार्टियां चुनाव आयोग मतदाता सूची पर काम करते  हैं। हमारे देश में जब चुनाव होता है, तो  इसकी तैयारी से लेकर वोटिंग तक काम 90 दिन तक चलता है। मैंने देश से सिर्फ  50 दिन मांगे हैं, अगर 30 दिसंबर के बाद मेरी कोई भी गलती निकल जाए, तो आप जिस चौराहे पर चाहे खड़ा कर सजा देना .. मैं तैयार हूं। लेकिन मेरे प्यारे देशवासीयों  दुनिया आगे बढ़ रही है.. आप मुझे मौका दीजिए। आपने जैसा हिंदुस्तान चाहा है.. मैं वैसा  ही हिंदुस्तान आपको दूंगा।

भावुक हुए प्रधानमंत्री  मोदी.. 
प्रधानमंत्री ने  कहा कि मैंने घर परिवार सबकुछ अपने देश के लिए छोड़ा है। पीएम ने कहा कि हमने लोगों के सामने योजना  रखी और काला धन के बारे में घोषणा करने का भी  मौका दिया। पहली बार 0 बैलेंस वालों ने भी  67 हजार करोड़ रुपये  जमा कराने में योगदान दिया । इतना ही नहीं सवा  करोड़ का हिसाब सरकारी खजाने में आया है। और  बाद में  हमें मालूम था कि हमें क्या करना है। हमने  जन धन योजना शुरू की, इस योजना के अन्तर्गत  गरीब से गरीब का भी बैंक अकाउंट 0 बैलेंस पर खोला। तकरीबन 20 करोड़ लोगों के अकाउंट खोले गए।

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