Delhi Kanjhawala case Scooty:  ये बात तो हम सब जानते है की जहाँ पर पूरा देश नया साल के जश्न में लगा था वही दिल्ली में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको हिलाकर रख दिया. हुआ ये की 20 साल की अंजलि को मौत के मुंह में धकेला गया. लेकिन ऐसा करने वाले पांचों आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं. अब जब से हादसा हुआ है तब से लोगो के मन में ये सवाल है कि अगर कोई किसी से कार मांग के कहीं ले जाता है और फिर उस कार से कोई हादसा हो जाए या कोई मर जाए तो क्या कार के मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी ? आज इसी संदर्भ में हम आपको कुछ चीज़े डिटेल में बताएंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दे अगर किसी कार से या फिर पैसेंजर वाली गाड़ी से अंजलि जैसा हादसा होता जिसमे किसी की जान चली जाती है या फिर कोई गंभीर रूप से घायल हो जाता है. तो ऐसे मामलों में पुलिस आईपीसी की धारा 279, 304 या 304 ए के तहत केस करती है.

सजा

मान लीजिए कोई ऐसा काम हुआ है जिस के कारण से सामने वाले इंसान की मौत हो गयी है और ये सब प्लानिंग से किया गया हो मकसद से किया गया हो तो भी उस पर धारा 304 लगाया जाता है. इतना ही नहीं अगर कोई काम इस जानकारी के साथ हुआ है कि इससे किसी को चोट लग जाएगी लेकिन मारना ना चाहता हो या फिर वो शक्श मारना भी चाहता हो तो उसपर धारा 304 लगाया जाएगा.

सजा क्या मिलेगी

मान लीजिए अगर आप दोषी साबित हो जाते है तो ऐसे शख्स को जेल हो सकती है. जेल की सजा दस साल के साथ साथ जुर्माना भी लग सकता है.

ऐसे में नहीं होगी कार के मालिक पर कार्यवाही

इन्ही सब के साथ कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जिनमें कार का मालिक भले ही कार में सवार ना हो उस पर कार्यवाही नहीं होती है. ये बात निर्भर करता है इस बात पर की मालिक को इस वारदात के बारे में पता है या नहीं है. अगर नहीं पता है तो इसके लिए कार के मालिक की जिम्मेदारी नहीं बनती. बस पुलिस आपको पूछताछ के लिए बुला सकती है.

ऐसे मामले में हो सकती है कार के मालिक पर कार्यवाही

दरअसल कुछ मामले ऐसे हैं जिनमे कार मालिक हादसे या वारदात के वक्त मौजूद हो या नहीं हो उस पर कार्यवाही जरूर होती है. अगर कार के मालिक को इस बात की जानकारी है कि कार को जानकार किसी वारदात के लिए लेकर जाया जा रहा है या घटना करने के लिए लेकर जाया जा रहा है तो उस पर कार्यवाही होगी.