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भारत जापान के बीच कई बड़े और अहम  समझोते! बढ़ी चीन की बेचैनी 

दोनों देशो के बीच संबंधो से देश को नई  ऊंचाई के साथ कई रक्षा और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रो में समझौतों पर हस्ताक्षर किये।
98000 करोड़ की लागत से मुंबई – अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन नेटवर्क। भारत ने जापानी नागरिक को आगमन के लिए वीजा सुविधा का एलान किया। यह मार्च 2016 से लागु किया जायगा।

इस ऐतिहासिक समझोते और भारत जापान की दोस्ती को लेकर चीन की बेचैनी बढ़ती जा रही है। चीन के अख़बार ने चेताया की भारत जापान के साथ मिलकर चीन के खिलाफ कोई साजिश या गोलबंदी न करे। दोनों देशो के प्रधानमंत्री का गंगा आरती में होना और निजी मित्रता को देख चीन घबराया है।  1962 की लड़ाई को देख कोई भी भारतीय चीन के छुरा घोपने को नहीं भुला सकता।  और दूसरे विश्व युद्ध में जापान की लड़ाई को कोई चीनी नहीं भूल सकता। जिस तरह चीन पाक के साथ मिलकर भारत की घेराबंदी करने की कोशिश कर रहा है अब जापान के साथ भारत के संबंधो से चीन को सीधे तौर पर जवाब मिल रहा है। प्रधानमंत्री और शिंजो आबे के बीच मजबूत रिश्ता उस समय से है जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
चीनी अख़बार ने लिखा की जापान की कोशिश चीन को रोकने की और घेरने की है इसके लिए आबे  ने चीन के खिलाफ मोदी को अपने पक्ष में करने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते।

भारत जापान समझौतों
वार्ता के दौरान सयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार सहित अहम मुद्दो पर भी चर्चा की गई।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा की जापान के प्रधानमंत्री आबे को  निजी मित्र और भारत जापान के बिच साझेदारी का बहुत बड़ा समर्थक बताया। उन्होंने बताया की जापान भारत की मेक इन इंडिया में मदद के के साथ  पांच सालों  में  35 अरब डॉलर का निवेश करेगा।

जापान के प्रधानमंत्री आबे के साथ बिज़नेस लीडर फोरम में  कहा की   का लक्ष्य सिर्फ हाई  स्पीड ट्रेन चलना ही नहीं  मकसद है स्पीड ग्रोथ का है।
मोदी ने कहा की भारत संभावनाओ का देश है और ऐसा पहली बार होगा जब जापान भारत से कार आयत करेगा। मेक इन इंडिया का मिशन भी जापान में चल रहा है।
जापान के पप्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भाषण की शुरुआत नमस्कार से की और संबोधन में मोदी की तारीफ की और कहा नीतियों को लागु करने में मोदी की स्पीड भी बुलेट ट्रेन की ही जैसी है।

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