ताजमहल या हिन्दू मंदिर तेजो महालय? जाने हकीकत  … 

tazmahal

एक  मुग़ल बादशाह के प्यार की निशानी माने जाने वाला ताजमहल मंदिर है या नहीं।
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल कब बनवाया गया 12 वीं शताब्दी या 17वीं शताब्दी में, लेकिन ऐसे सवालों पर पर जो  देश की आन बान शान पर उठते है उन पर अब विराम लग जायेगा। संस्कृति मंत्री के ने पुरातत्व विभाग के बाद पूरी संसद के सामने यह मान लिया की ताजमहल के हिन्दू ईमारत होने के कोई सबूत नहीं है। .
ताजमहल पर विवाद …….
ताजमहल एक प्यार की एक ऐसी मिशाल है जिसे देखकर किसी का भी दिल धड़क जाता है।  आगरा में  यमुना नदी के किनारे पर सफ़ेद संगमरमर से बनी ईमारत दुनिया का सातवां अजूबा भी है। संस्कृति मंत्री महेश शर्मा के संसद में बयान के बाद तूफ़ान खड़ा हो गया था।
मगर सरकार को ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिसके आधार पर कहा जा सके की हिन्दू मंदिर हो सकता है।
हिंदूवादी संगठनों की तरफ से यह ताजमहल को शिव मंदिर साबित करने का मामला है। सरकार को इसका कोई प्रमाण नहीं मिला ताज कोई मंदिर था  महेश शर्मा ने यह बयान संसद में पूछे जाने पर दिया जो किसी भी हिंदूवादी संगठन को अच्छी नहीं लग रही है।

जिस ताज पर देश को नाज है जिसे देखने हर साल 30 लाख  लोग आते है जो सात अजूबों में शुमार है और 1983 में यूनेस्को से विश्व धरोहर का दर्ज मिल चूका।  यही ताज विवादों का केंद्र बन गया। .?

इतिहास के पन्नो में दर्ज है की शाहजहाँ ने 1632 में अपनी बेगम मुमताज की याद में यह मक़बरा बनवाया जीसका नाम मुमताज महल रखा।

हिन्दू संगठन को कहना :- 

हिन्दू संगठनो का कहना है की यह ईमारत ताज नहीं मंदिर है जिसे 1192 में राजा परमादिदेव ने बनवाया था। इस मंदिर में नागनागेश्वर शिवलिंग  और अग्रेश्वर महादेव की पूजा होती थी। राजपूत राजा मानसिंह के पोते जयसिंह से शाहजहाँ ने हाशिल किया था। आगरा में पांच शिव मंदिरों में से चार है और पांचवा तेजो महालय है जिसका नाम मुग़ल शासकों ने ताजमहल बना दिया।  नदी के किनारे सिर्फ मंदिर बनाये गए है और दुनिया में किसी भी मकबरे का नाम महल नहीं है।

आगरा की निचली अदालत में वकीलों द्वारा यह साबित किया जा रहा है की  खसरा नम्बर 12 मौजा बसई, तहसील सिटी , जिला आगरा में स्थित यह सम्पति तेजो महालय के नाम है।

ताजमहल की बनावट और मंदिर से तुलना
कुए की मौजूदगी सिर्फ मंदिरों में होती है मकबरों में नहीं
हिन्दू धर्म में 10 दिशाएं होती है और आकाश पाताल के आलावा ईमारत का आकर अष्टभुजाकार है।
शिखर का आकर नारियल और आम्रपल्लव का प्रतिक।
नक्काशी में मौजूद कमल
दीवारों पर मौजूद तश्वीरो पर धतूरे का फूल और उस पर ॐ लिखा होने का दावा भी है।
निचली मंजिल में बंद 22 कमरों पर भी सवाल उठाये जाते है।

पीएन ओक ने कुल 104  तर्क दिए हो हिन्दू मंदिर होने के संकेत दे रहे है।
याचिका पर अगली सुनवाई फरवरी में होनी है ताजमहल की उम्र का पता लगाने के लिए अभी तक कार्बन डेटिंग भी नहीं की गई।

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