Barmer Lok Sabha Election 2019 Rajasthan
Barmer Lok Sabha Election 2019 Rajasthan

Barmer Lok Sabha Election 2019 राजस्थान की राजनीती में बाड़मेर की बात की जाय तो सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में यह सीट पिछले चुनाव में रही। बाड़मेर की राजनीती में देश के दिग्गज नेता जसवंत सिंह जसोल ने मैदान में अपना कदम रखा जो वसुंधरा राजे को रास नहीं आया। वसुंधरा राजे ने कर्नल सोनाराम को जो कुछ ही दिन पहले कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे उन्हें लोकसभा प्रत्याशी का टिकट देकर मैदान में उतार दिया। कर्नल सोनाराम को टिकट मिलने से जसवंत सिंह जसोल दुखी हुए और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हालांकि चुनाव में जसवंत सिंह हार गए थे और कुछ दिनों बाद एक हादसे ने उन्हें हॉस्पिटल पहुंचा दिया। जसवंत सिंह जसोल कोमा में हैं और इलाज चल रहा है। जसवंत सिंह जसोल के बेटे मानवेन्द्र सिंह उस वक्त भाजपा से विधायक थे। बाड़मेर लोक सभा चुनाव 2019 की बात की जाय तो मानवेन्द्र सिंह कर्नल सोनाराम के सामने प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारे जाएंगे। मानवेन्द्र सिंह ने विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे के सामने ताल ठोकी थी। बड़ी दिलचस्प बात यह होगी कि यहाँ से इसबार सत्ता परिवर्तन सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। इसबार बाड़मेर लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस मानवेन्द्र सिंह को मैदान में उतारकर यह सीट हासिल करने में होगी।

बाड़मेर लोकसभा चुनाव में मानवेंद्र सिंह का नाम बहुत बड़ा है। राजस्थान की राजनीती में इसबार विधानसभा चुनाव में इसबार सबसे ज्यादा चर्चित चेहरे के तौर पर मानवेन्द्र सिंह का नाम रहा है। बाड़मेर में जीत का ग्राफ इसबार के विधानसभा चुनावों से बनाया जाए तो कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। Jaisalmer, Sheo, Barmer, Baytoo, Pachpadra, Siwana, Gudha Malani, Chohtan (SC) विधानसभा सीटें बाड़मेर लोक सभा क्षेत्र में आती हैं। इन आठ सीटों में 6 सीट कांग्रेस और 2 सीट भाजपा ने जीती है। यहाँ का वोट बैंक इस बार दोनों ही पार्टियों में अच्छे मुकाबले से जीत का अंतर् भी बढ़ाएगा। कांग्रेस जीत दर्ज करने के साथ ही अच्छे वोटों से बढ़त भी बना सकती है। मानवेन्द्र सिंह पिछली हार और भाजपा से बदले की भावना लेकर बाड़मेर लोकसभा चुनाव 2019 के मैदान में उतरेंगे।

Barmer Lok Sabha Election 2019 Rajasthan

बाड़मेर लोकसभा चुनाव 2019 में जसवंत सिंह के नाम पर मानवेन्द्र सिंह के साथ जनता की सांत्वना भी रहेगी। जसवंत सिंह एक जमाने में अटल के हनुमान कहे जाते थे। एक मात्र भाजपा की सीट दार्जिलिंग से निकालने में कामयाब रहे थे। पूर्व में भाजपा का सूर्योदय करने वाले जसवंत सिंह को भाजपा के नए मौहरों भुला दिया। टिकट काटे जाने का पुरे प्रदेश की जनता में मलाल रहा। देर सही भाजपा को उस वक्त झटका लगेगा जब बहुमत की जरुरत होगी। Barmer Lok Sabha Election 2019 भी भाजपा के अल्पमत का गवाह बन सकते हैं। बाड़मेर राजस्थान की वो लोकसभा सीट है जहाँ इसबार मोदी लहर का कोई प्रभाव नहीं देखने को मिलेगा। राजस्थान की कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने वाली बाड़मेर सीट ही हो सकती है।

बाड़मेर लोकसभा चुनाव 2019 जीत के दावेदार
Barmer Lok Sabha Election 2019 में कांग्रेस मानवेन्द्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारती है तो जीत कांग्रेस के पाले में जाएगी। कांग्रेस अगर किसी अन्य को प्रत्याशी घोषित करती है भाजपा फिर से जीत दर्ज कर सकती है। कर्नल सोनाराम का इसबार भाजपा टिकट काट सकती है। टिकट वितरण में इसबार भी वसुंधरा राजे की चलेगी। वसुंधरा राजे भाजपा प्रत्याशी के चेहरे के तौर पर किसी राजपूत प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है। भाजपा का राजपूत प्रत्याशी उतारे जाने से जाट समाज भी निर्दलीय ताल ठोकेगा। त्रिकोणी मुकाबले में भाजपा और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला हो सकता है। देखा जाए तो मानवेन्द्र सिंह की सक्रियता और स्वाभिमान सभा से वहां की राजनीती कांग्रेस को बढ़त दिला रही है।

Latest News