Taza Hindi Samachar: सोशल मीडिया को यदि आप प्रयोग करते हैं तो अक्सर आपने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन शब्द को कई बार सुना होगा। यह मैसेजेज को भेजे जाने से पहले सुरक्षित करता है और प्राप्तकर्ता के डिवाइस पर पहुंचने के बाद ही उन्हें डिक्रिप्ट करता है।

इसके नुकसान
य दि किसी ऐप में कम्युनिकेशन पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड है तो मैसेज के कंटेंट, कैलेंडर इंविटेशन, मैसेज हिस्ट्री और अन्य सुविधाओं को ऑटोमेटिकली जनरेट करने में सक्षम नहीं हो पाएगा। यदि कोई तीसरा व्यक्ति मैसेज को पढ़ सकता है तो एंड टू एंड एन्क्रिप्शन की गोपनीयता वहीं समाप्त हो जाती है।

हैकर्स की नजरों से बचती है जानकारी
आ मतौर पर यदि कोई सर्विस प्रोवाइडर एन्क्रिप्शन का प्रयोग करता है तो उसे यूजर के डिवाइस पर एन्क्रिप्ट किया जाता है और सर्वर पर भेजा जाता है। वहां प्रोसेसिंग के लिए डिक्रिप्ट कर एन्क्रिप्ट किया जाता है और फिर प्राप्तकर्ता तक भेजते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बड़ी भूमिका निभाते हैं हैकर्स। ये इसी बीच डेटा को हैक कर लेते हैं।

एन्क्रिप्शन के फायदे
ए न्क्रिप्शन इन ट्रांजिट और क्लियरचैट में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन बेहद फायदेमंद है। इससे आपकी पर्सनल जानकारी और डेटा किसी अन्य के अलावा सर्वर तक भी नहीं देख सकता है। हैकर्स सर्वर तक तो पहुंच सकता है लेकिन आपके डेटा तक उसकी पहुंच बेहद कमजोर हो सकती है।

Latest News