कैंसर से लगभग एक करोड़ लोगों की मृत्यु हर साल विश्व में होती है। दुनियाभर में कैंसर के करीब दो करोड़ नए रोगी भी हो रहे। भारत में करीब ८ लाख मृत्य हर वर्ष कैंसर से हो रही है। 2040 तक हर साल कैंसर के 2.95 करोड़ नए मामले और करीब 1.64 करोड़ मौतें सालाना विश्व में हो सकती हैं।

कुछ प्रारम्भिक लक्षण

लंबे समय से घाव न भरना, शरीर में दर्द के साथ दर्दरहित गांठें या सूजन, स्तनों में गांठ, रिसाव, मल-मूत्र, उल्टी या थूक में खून आना, आवाज में बदलाव, निगलने में दिक्कत, लंबे समय से खांसी, मस्सों व तिल का अचानक तेजी से बढऩा, बिना कारण वजन घटना, कमजोरी या खून की कमी आदि लक्षण हैं।

क्या-क्या जोखिम है

रसायनों के संपर्क में आने, जेनेटिक कारण, मोटापा, कमजोर इम्युनिटी, रेडिएशन, शराब-धूम्रपान व खराब जीवनशैली इसके जोखिम कारक हैं।

बचाव के उपाय

करीब 80% कैंसर खराब दिनचर्या और गलत जीवनशैली से होता है। कोई नशा जैसे धूम्रपान, तम्बाकू, अल्कोहल आदि से दूर रहें। फाइबर डाइट अधिक लें। कीटनाशक वाले, पैकेट और जंक फूड खाने से बचें। ज्यादा मात्रा में तला-भुना, नमक-चीनी वाली चीजें कम खाएं। कई बार गर्म किया गया तेल न खाएं। वजन नियंत्रित रखें।

व्यायाम करने से भी घटता है इसका खतरा

साओ पाउलो स्थित फेडरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दो व्यायामों के बारे में बताया है जिससे कैंसर का खतरा घट सकता है। 13 लाख लोगों के डेटा के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक व्यायाम किए जाएं तो कई प्रकार के कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे कम उम्र से ही शुरू करें।

इलाज के साथ अन्य बातों पर भी दें ध्यान

वल्र्ड कैंसर डे की इस वर्ष की थीम है, क्लोज द केयर गैप। कैंसर का इलाज लंबा चलने या इनके साइड इफेक्ट, जानकारी के अभाव या फिर दवाओं के अधिक खर्च के कारण मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि कैंसर के मरीजों का इलाज, मरीज व उसके परिजनों की सामाजिक , मानसिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

व्यायाम से शरीर में आते हैं कई सकारात्मक बदलाव

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, अमरीका के अनुसार एरोबिक्स से शरीर में ऑक्सीजन बढऩे से सभी अंगों में ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा मिलता है। इससे कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती हैं और कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा यह व्यायाम नींद का पैटर्न सुधारने में तो कारगर है ही, साथ ही यह मोटापा कम करने में भी सहायक है। नींद पूरी न होना और मोटापा, दोनों ही कहीं न कहीं कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसे सप्ताह में २-३ दिन करें।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व्यायाम करें : सप्ताह में 2-3 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अभ्यास करना सेहत के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ यह कई प्रकार के कैंसर कारकों को कम करने में भी मदद कर सकती है। इससे इम्युनिटी मजबूत होती है और हार्मोन स्राव से विषैले तत्त्व भी निकल जाते हैं।

Latest News