Mind Body

Mind Body: डायबिटीज व हाई बीपी को किडनी फेलियर का आम कारण माना जाता है। चूंकि ब्लड शुगर हाइ होने से किडनी खतरे की स्थिति का सामना करती है। यदि यूरिन में हो रहे बदलाव पर ध्यान दिया जाए तो किडनी रोगों को शुरू में पहचान सकते हैं।

ब्लड शुगर बढऩा
ब्लड शुगर बढऩे पर किडनी को ब्लड सप्लाई करने वाली नसों को भी नुकसान होने लगता है। इससे किडनी ब्लड को सही तरह से शुद्ध नहीं कर पाती। ब्लड प्रेशर हाई होने से भी किडनी को नुकसान होता है। इन्हें नियंत्रित रखें।

यूरिन में झाग बनना
यूरिन के समय झाग बनना एक बड़ा संकेत है। यूरिन के साथ प्रोटीन बाहर आने पर यह स्थिति होती है। ज्यादा झाग बनने पर ज्यादा प्रोटीन आना किडनी में दिक्कत का संकेत है। अपने डॉक्टर को बताएं।

यूरिन में ज्यादा बदबू आना
यूरिन पास करते समय ज्यादा बदबू आना, उसका रंग बदला हुआ होना, यूरिन के साथ खून आना आदि भी इसके संकेत हैं।

इन पर भी ध्यान दें
रात में बार-बार यूरिन आना, बार-बार प्यास लगना, ज्यादा थकान महसूस होना, निजी अंगों में खुजली होना, घाव भरने में ज्यादा समय लगना, धुंधला दिखाई देना जैसे संकेत डायबिटीज के साथ ही किडनी से संबंधित भी हो सकते हैं।

सक्रियता से इलाज
डायबिटीज या किडनी संबंधी बीमारियों का इलाज जीवनशैली में बदलाव व सक्रियता अपनाकर लाया जा सकता है। इसके लिए रुटीन एक्सरसाइज, व्यायाम आदि भी करते रहें।

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