NEW DELHI: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 साल की उम्र में गुरुवार देर शाम को निधन हो गया है। वह बीते कुछ समय से बीमार चल रही थी और डॉक्टरों की निगरानी में थी। क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद ब्रिटिश राजपरिवार एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। आपको बता दें कि, इस राज परिवार की कई ऐसी अजीबोगरीब परंपराएं हैं जो सैकड़ों साल से चली आ रही है। यह परंपराएं आम लोगों को चौंका देती है, लेकिन राजपरिवार के सदस्यों के लिए यह बेहद सामान्य बात है। वह इन सभी परंपराओं को सदियों से निभाते आ रहे हैं। तो चलिए आपको भी ब्रिटिश राजपरिवार की कुछ विचित्र परंपराओं के बारे में बताते हैं।

काले कपड़े पहनने से परहेज

ब्रिटिश राजपरिवार के सदस्यों को काले कपड़े पहनने से परहेज करना होता है। केवल शोक के दौरान ही वह काला कपड़ा पहन सकते हैं। इसके अलावाराज परिवार की महिलाओं को औपचारिक आयोजनों में बाल खुले दिखाना भी गलत माना जाता है। इस वजह से ही शाही परिवार की सभी महिलाएं औपचारिक आयोजनों में सर पर टोपी पहनती है।

सूटकेस में काली ड्रेस के साथ सफर

ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्यों का एक विचित्र नियम यह है कि, शाही परिवार दुनिया के किसी भी हिस्से में सैर-सपाटे के लिए चले जाएं, लेकिन हर एक सदस्य के पास एक काला कपड़ा अवश्य रखा होना चाहिए। यह काली पोशाक उन्हें अपने साथ हमेशा इसलिए रखनी होती है, कि अगर कभी उन्हें किसी शोक समारोह में जाना पड़ जाए तो, वह किसी अन्य परिधान को पहनने के बजाय यही काली पोशाक पहने।

डाइनिंग टेबल के लिए भी है अनोखी परंपरा

इस राजपरिवार की एक विचित्र परंपरा यह भी है कि यदि आप किंग या क्वीन के साथ भोजन करते हैं तो, आप केवल तभी तक भोजन कर सकते हैं जब तक किंग/क्वीन अपना कांटा-चाकू नीचे नही रख देते। यानी कि अगर किंग – क्वीन का पेट बाहर गया और उन्होंने अपने हाथ में पकड़ा कटा – छुरी नीचे रख दी, तो सभी लोगों को भी भोजन करना बंद कर देना होता है। इसके अलावा भोजन करते समय केवल अपने अगल-बगल के लोगों से ही बात-चीत करने की इजाजत होती है।

राजनीति से रहता है तटस्थ

ब्रिटिश राजपरिवार अपने आप को देश की राजनीति से तटस्थ रखता है। यह परिवार कभी किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या खिलाफ में कोई बयान नहीं देता। इसके अलावा अपनी तटस्था को दर्शाने के लिए शाही परिवार के लोग किसी भी चुनाव में वोट नहीं डालते। इतना ही नहीं शाही परिवार के लोगों को राजनीतिक विचार रखने की भी मनाही होती है।

खास कर्म में करते हैं कमरे में प्रवेश

शाही परिवार के लोग राज महल के हर एक कमरे में एक खास कर्म से प्रवेश करते हैं व टेबल पर भी उसी के अनुसार बैठते हैं। सबसे पहले क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय प्रवेश करते थी, उनके बाद प्रिंस चार्ल्स-कैमिला पारकर प्रवेश करते थे। जिसके बाद प्रिंस विलियम और केट मिडिलटन प्रवेश करते थे। और इसके बाद दूसरे सदस्यों की एंट्री होती थी। भोजन करने के लिए भी वह इसी क्रम में बैठते थे। यह क्रम सिहासन के उत्तराधिकारी को दर्शाता है। इसके अलावा जब तक सम्राट या महारानी सो नही जाते तब तक शाही परिवार के अन्य सदस्य भी नहीं सो सकते।

लड़के केवल 8 वर्ष तक की पहन सकते हैं शॉर्ट्स

इस शाही परिवार की एक अजीबोगरीब परंपराएं यह भी है कि राज परिवार के लड़कों को 8 साल की उम्र तक शॉर्ट्स पहनाया जाता है। यह उम्र पूरी होते ही उनका फुल पैंट पहनना आवश्यक हो जाता है। ब्रिटेन के सिंहासन पर बैठे व्यक्ति को देश में गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती इसके अलावा वह बिना किसी हिचक सकता है।

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