New Delhi: फ्री का राशन ले रहे परिवारों के चिंता की खबर है। सरकार ने डाटा तैयार कर लिया है। आधार से हर एक चीज को जोड़ दिया गया है। एक आधार नंबर दबाते ही पूरा डाटा स्क्रीन पर दिखा दे देता है। सरकार अब से उन सभी लोगों पर कार्रवाई करने जा रही है, जो गरीबों के हक़ का अनाज खा रहे हैं। अपात्र बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड भी बंद किए जाएंगे। सभी अयोग्य राशन कार्डधारकों के पेनल्टी का भी प्रावधान है।

केंद्र की मोदी सरकार ने राशन कार्ड धारकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ऐसे कार्ड धारकों की लिस्ट तैयार कर रही है जो मुफ्त राशन योजना के लिए पात्र नहीं हैं, सरकार की मानें तो वे ऐसे लोग हैं जिनकी आय ज्यादा है और वो टैक्स भरते हैं या फिर उनके घरों में लोग चार पहिया वाहनों के मालिक हैं। केंद्र ने इसको लेकर राज्य सरकारों को 1 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम काटने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि ऐसे लोगों पर अंकुश लगाया जा सके।

दरअसल केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने आयकर विभाग (करदाता), कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (निदेशक) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (चार पहिया वाहन मालिक) जैसी सरकारी संस्थाओं के डेटाबेस के साथ राशन कार्ड धारकों के विवरण का मिलान करके ऐसी सूची तैयार की है। इसके क्रॉस-सत्यापन की प्रक्रिया में विभाग ने पाया कि 94.71 लाख राशन कार्ड धारक करदाता हैं, जबकि 17.51 लाख चार पहिया वाहनों के मालिक हैं और अन्य 5.31 लाख राशन कार्ड धारक कंपनियों में निदेशक हैं।

Duplicate Rashan card

हमारे सहयोगी संस्थान इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने अयोग्य लाभार्थियों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए यह डेटा उपलब्ध कराकर राज्यों की मदद की गई है ताकि प्रतीक्षा सूची में शामिल वास्तविक लोग योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राशन कार्डों/लाभार्थियों की सूची की समीक्षा, अपात्र/डुप्लिकेट राशन कार्डों की पहचान और पात्र लाभार्थियों/परिवारों को शामिल करना राज्यों की जिम्मेदारी है।

एनएफएसए से मिली जानकारी के अनुसार पता चलता है कि 19 अगस्त तक 19.17 करोड़ राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, और 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल लाभार्थियों की संख्या 76.10 करोड़ है। नियमों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारी, एक लाख रुपये या उससे अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, चार पहिया वाहन मालिक और करदाता मुफ्त खाद्यान्न पाने के पात्र नहीं हैं।

सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के सलाहकारों को लिखे पत्र में केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डेटाबेस में पाई गई विसंगतियों के बारे में सरकार के पहले के निर्देशों को दोहराया है।