यहां आने बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, दुनिया के दिग्गजों ने टेका माथा

हमारे देश में ऐसे कई मंदिर है जहां पर हमेशा ही भक्तों का तांता लगा रहता है। यहां तक कि विदेश से भी लोग आकर यहां पर माथा टेकते हैं। भारत में एक ऐसा ही अद्भुत मंदिर है जहां पर मेटा के स्वामित्व Facebook के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग और Apple के पूर्व सीईओ और को-फाउंडर दिवंगत स्टीव जॉब्स भी जा चुके हैं।

इस बात के बारें में बहुत कम लोग ही जानते हैं लेकिन साल 2015 में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अमेरिका यात्रा के दौरान फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग से मिले थे तो उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया था।

इस रिपोर्ट के अनुसार, मार्क जकरबर्ग ने बताया था कि फेसबुक के शुरुआती दिनों में वह ऐपल के दिवंगत संस्थापक स्टीव जॉब्स की सलाह पर भारत के एक मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे। जॉब्स ने जिस मंदिर के बारें में बताया था वह उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित कैंची धाम आश्रम है, जी हां स्टीव जॉब्स यहां पर खुद 1970 के दशक में आये थे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैंची धाम, नैनीताल में स्थित बाबा नीम करौली का एक आश्रम है। ये हनुमान का एक मंदिर और आश्रम है। इसको साल 1960 में नीम करोली बाबा ने बनवाया था। कैंची धाम आश्रम में हर साल 15 जून को मेला लगता है।

कैंची बाबा की मृत्यु साल 1973 में हो गई थी, लेकिन, आज भी कई हाई-प्रोफाइल अमेरिकी उनको बहुत मानते हैं। बताया जाता है कि स्टीव जॉब्स को ऐपल बनाने का विजन कैंची धाम आश्रम का दौरा करने के बाद ही मिला था।

जकरबर्ग ने पीएम मोदी से की थी ये बात

बता दें कि एक टाउन हॉल मीटिंग के दौरान मार्क जकरबर्ग ने पीएम मोदी से कहा था कि, ‘जॉब्स ने मुझसे कहा था कि कंपनी के मिशन के रूप में मैं जो मानता हूं, उससे दोबारा जुड़ने के लिए मुझे इस मंदिर का दौरा जरूर करना चाहिए, जहां पर वह खुद भारत में गए थे, जब वह ऐपल चाहते थे और इसके भविष्य के बारे में सोच रहे थे।’

‘इसलिए मैं भी वहां गया और वहां पर मैंने लगभग एक महीने तक यात्रा की, और वहां पर लोगों को देखा, देखा कि लोग कैसे एक दूसरे से जुड़े हुए थे, और वहां पर मुझे इस बात का एहसास हुआ कि अगर हर किसी के पास जुड़ने की मजबूत क्षमता हो तो दुनिया कितनी बेहतर हो सकती है। मेरे ऊपर इस बात का महत्व प्रबल हो गया था कि हम क्या कर हैं और ये कुछ ऐसा है जिसको मैंने पिछले 10 सालों में हमेशा याद रखा क्योंकि हमने फेसबुक का निर्माण किया था। High Volume Content