Gold Silver price: भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार (20 मई) को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों (Global Bullion Market) से मिले कमजोर संकेतों के कारण घरेलू स्तर पर भी कीमती धातुओं के दाम टूट गए। दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और अमेरिका में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ गया।
Domestic Market Impact and Price Drop
भारतीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून कॉन्ट्रैक्ट के लिए गोल्ड फ्यूचर्स 0.41% गिरकर ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो पिछले सत्र में ₹1.60 लाख के स्तर पर था। वहीं, जुलाई कॉन्ट्रैक्ट के लिए सिल्वर फ्यूचर्स में भी 0.79% की गिरावट देखी गई और यह टूटकर ₹2.67 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। स्थानीय बाजार में आई इस मंदी से आभूषण खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
International Bullion Market Trends
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सर्राफा कीमतों में भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। शुरुआती कॉमेक्स (COMEX) ट्रेडिंग के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.71% की गिरावट के साथ $4,479.10 प्रति औंस पर आ गया। इसी तरह, स्पॉट सिल्वर भी 1.40% लुढ़ककर $71.11 प्रति औंस पर आ गया। पिछले सत्र से ही वैश्विक बाजार में महंगाई और सख्त मौद्रिक नीति (High Interest Rates) की चिंताओं के कारण सर्राफा बाजार लगातार दबाव का सामना कर रहा है।
Geopolitical Tensions and Market Sentiment
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव ने निवेशकों को फूंक-फूंक कर कदम रखने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद बाजार में डर का माहौल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला, तो वाशिंगटन कुछ ही दिनों में ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकता है। हालांकि, इससे पहले उन्होंने खाड़ी देशों की अपील पर सैन्य कार्रवाई की योजना को टालने की बात कही थी।
Crude Oil Prices and Inflation Worries
ईरान और अमेरिका के इस लंबे विवाद का सीधा असर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) की शिपिंग पर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। बुधवार को मामूली गिरावट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पास बना रहा, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड $104 प्रति बैरल के आसपास ट्रेंड कर रहा था। महंगे तेल ने दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की चिंताओं को और हवा दे दी है।
Future Outlook and US Fed Rate Cut Expectations
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बनी हुई महंगाई को देखते हुए ट्रेडर्स ने अब इस साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बेहद कम कर दी हैं। बाजार के कुछ विशेषज्ञों का तो यहाँ तक मानना है कि फेड रिजर्व आने वाले दिनों में दरों को घटाने के बजाय एक बार फिर बढ़ा सकता है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब तक पश्चिम एशिया के हालात शांत नहीं होते और अमेरिकी केंद्रीय बैंक से नए संकेत नहीं मिलते, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रहेगा।