Aloo Ka Halwa Recipe
Aloo Ka Halwa Recipe

Aloo Ka Halwa Recipe: आमतौर पर जब भी हम ‘हलवे’ का नाम सुनते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले सूजी या गाजर के हलवे का ही ख्याल आता है। लेकिन क्या आपने कभी आलू का हलवा चखा है? सुनने में शायद यह थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यकीन मानिए, स्वाद के मामले में यह किसी भी शाही मिठाई को टक्कर दे सकता है। यह एक पुरानी और पारंपरिक भारतीय डिश है जिसे घर पर बहुत ही कम मेहनत में बनाया जा सकता है।

Gathering the Essentials

इस लाजवाब मिठाई को बनाने के लिए आपको रसोई में रखे कुछ बेसिक सामान की जरूरत होगी। सामग्री का सही माप कुछ इस प्रकार है:

आलू: 6 मध्यम आकार के (उबले हुए)।

घी: 100 ग्राम।

दूध: 50 मिली।

चीनी: 150 ग्राम (स्वाद अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं)।

फ्लेवर के लिए: केसर की कुछ पंखुड़ियां और इलायची पाउडर।

गार्निशिंग: बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता।

A Step-by-Step Cooking Guide

सबसे पहले उबले हुए आलुओं को छीलकर अच्छी तरह मैश कर लें ताकि उनमें कोई गुठली न रहे। अब एक नॉन-स्टिक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें मैश किए हुए आलू डालकर मध्यम आंच पर भूनना शुरू करें। आलुओं को तब तक भूनें जब तक वे घी न छोड़ने लगें और उनका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इस प्रक्रिया में करीब 12 से 15 मिनट का समय लगेगा। इसी दौरान एक छोटे बर्तन में दूध गर्म करके उसमें केसर भिगो दें और फिर इस दूध को भुनते हुए आलुओं में मिला दें।

Perfecting the Taste and Texture

जब दूध आलुओं में अच्छी तरह समा जाए, तब इसमें चीनी डालें। अगर आलू थोड़े मीठे हैं, तो आप चीनी की मात्रा थोड़ी कम भी रख सकते हैं। इसे लगातार चलाते रहें ताकि हलवा नीचे से जले नहीं। जब हलवा गाढ़ा होने लगे और कड़ाही की सतह छोड़ने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर मिलाएं। इलायची को आखिर में डालने से उसकी खुशबू बरकरार रहती है। आखिर में इसे कटे हुए मेवों से सजाएं। केसर की शाही महक और आलुओं का मलाईदार टेक्सचर इसे एक बेहतरीन मिठाई बना देता है।

Pro Tips for the Best Results

आलू का हलवा बनाने के लिए हमेशा भारी तले वाली कड़ाही या नॉन-स्टिक पैन का ही चुनाव करें, क्योंकि आलू बहुत जल्दी चिपकने लगते हैं। इस पूरी रेसिपी को तैयार करने में लगभग 30 मिनट का समय लगता है। यह डिश व्रत के दिनों में या किसी खास मेहमान के आने पर परोसने के लिए एकदम परफेक्ट है। केसर का हल्का पीला रंग और घी की सौंधी खुशबू इसे किसी खास उत्सव जैसा अहसास देती है।