Gold price Down: ईरान की वजह से Gold 45 हजार आने के आसार

Gold price Down: गुरुवार को एशियाई व्यापार (Asian Trade) के दौरान सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की अप्रैल बैठक के मिनट्स सामने आने के बाद बाजार में नरमी का रुख देखा जा रहा है, क्योंकि फेड अधिकारियों का रुख उम्मीद से ज्यादा सख्त (Hawkish) नजर आ रहा है। इसके अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर मिल रहे मिले-जुले संकेतों ने भी निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है। ईरान का कहना है कि वह शांति समझौते पर वॉशिंगटन के ताजा रुख की समीक्षा कर रहा है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने सस्पेंस बरकरार रखा है।

Market Rates of Gold and Precious Metals

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में हाजिर सोना (Spot Gold) 0.4% टूटकर $4,526.48 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, सोना वायदा (Gold Futures) भी 0.4% की गिरावट के साथ $4,526.50 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट देखी गई; हाजिर प्लैटिनम (Spot Platinum) 0.8% फिसलकर $1,938.92 प्रति औंस और हाजिर चांदी (Spot Silver) 0.4% की कमजोरी के साथ $75.5320 प्रति औंस पर आ गई।

Gold Pressured by Hawkish Fed Signals

सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों से बना है। फेड के अधिकांश नीति निर्माताओं ने संकेत दिया है कि यदि महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के सालाना लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है, तो वे ब्याज दरों में बढ़ोतरी (Interest Rate Hikes) करने के पक्ष में हैं। पिछले दो महीनों में ईरान युद्ध के कारण बढ़े ईंधन के दामों ने महंगाई को तेजी से ऊपर धकेला है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) में उछाल आया है, जो सोने जैसी बिना ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों (Non-yielding Assets) के आकर्षण को कम कर देता है।

Geopolitical Uncertainty and Trump Mixed Stance

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर, ईरानी मीडिया के अनुसार तेहरान वर्तमान में युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उन्होंने सैन्य कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि युद्ध अपने ‘अंतिम चरण’ में है, लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। इस अनिश्चितता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) मार्ग अभी भी काफी हद तक बंद है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं।

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