पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के हालिया नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में सबको चौंका दिया है। इस पूरे चुनाव का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट (Bhawanipur Seat) पर देखने को मिला है। अपनी धुआंधार और आक्रामक रैलियों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़े भरोसे के साथ दावा किया था कि भवानीपुर के हर घर का इंसान उन्हें अपनी मां की तरह मानता है और अगर यहाँ सिर्फ एक वोटर भी बचेगा, तो जीत उन्हीं की होगी। लेकिन चुनाव आयोग द्वारा जारी बूथ-वार (Booth-wise) आंकड़ों ने टीएमसी की इस पारंपरिक साख को पूरी तरह हिला कर रख दिया है।
Historic Victory of Suvendu Adhikari in Bhawanipur
पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और भाजपा (BJP) उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके ही सबसे मजबूत गढ़ भवानीपुर में 15,105 वोटों के बड़े अंतर से हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वोटों के आंकड़ों का यह विश्लेषण साफ तौर पर दिखाता है कि साल 2021 के उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले, इस बार ममता बनर्जी के घरेलू वोट बैंक में एक बहुत बड़ी सेंधमारी हुई है, जो कि टीएमसी के लिए आत्ममंथन का विषय है।
High Voltage Defeat at Didi’s Own Voting Booth
ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा और निजी झटका हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग स्टेशन के बूथ नंबर 260 से लगा है। यह वही ऐतिहासिक बूथ है जहाँ ममता बनर्जी खुद अपना वोट डालती हैं।
2021 का उपचुनाव: इस बूथ पर ममता बनर्जी को 321 वोट मिले थे और उन्होंने भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल (285 वोट) पर 36 वोटों की बढ़त बनाई थी।
2024 का लोकसभा चुनाव: यहाँ पहली बार बदलाव दिखा और भाजपा ने टीएमसी पर 36 वोटों की लीड हासिल कर ली।
वर्तमान चुनाव: सुवेंदु अधिकारी ने यहाँ ममता बनर्जी को पूरी तरह पछाड़ दिया। इस पोलिंग स्टेशन से सुवेंदु अधिकारी को 238 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को अपने ही बूथ पर महज 51 वोटों से संतोष करना पड़ा।
Micro Level Analysis of Booth Wise Trends
भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के भीतर बूथ स्तर पर टीएमसी का मजबूत ढांचा इस बार पूरी तरह बिखर गया। भवानीपुर के कुल 267 पोलिंग बूथों में से सुवेंदु अधिकारी ने 206 बूथों पर शानदार बढ़त हासिल की। इसके विपरीत, ममता बनर्जी सिर्फ 60 बूथों पर ही आगे रह सकीं।
स्थिति यह रही कि विधानसभा के 24 बूथ ऐसे थे जहाँ ममता बनर्जी 50 वोटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाईं। हालांकि, सुवेंदु अधिकारी भी 38 बूथों पर 50 से कम वोटों पर सिमटे, लेकिन उन्होंने बाकी के मुख्य बूथों पर भारी अंतर से इसकी पूरी भरपाई कर ली।
बूथ नंबर 227 का बड़ा उलटफेर: सरकारी प्रेस परिसर में स्थित इस बूथ पर 2021 में ममता बनर्जी को 326 वोट मिले थे। लेकिन इस बार पासा पूरी तरह पलट गया; ममता बनर्जी को यहाँ सिर्फ 12 वोट मिले, जबकि सुवेंदु अधिकारी 287 वोट ले उड़े।
Ward Wise Collapse of TMC Support Base
भौगोलिक दृष्टि से भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र कोलकाता नगर निगम के 8 नगर पालिका वार्डों (63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82) को मिलाकर बना है। इन वार्डों का चुनावी इतिहास टीएमसी के ग्राफ को गिरता हुआ दिखाता है:
2021 का विधानसभा उपचुनाव: ममता बनर्जी ने इन सभी 8 वार्डों में क्लीन स्वीप करते हुए एकतरफा बढ़त बनाई थी।
2024 का लोकसभा चुनाव: यहाँ टीएमसी की पकड़ कमजोर हुई और उनकी बढ़त घटकर केवल 3 वार्डों तक सीमित रह गई।
वर्तमान विधानसभा चुनाव: सुवेंदु अधिकारी की लहर के आगे ममता बनर्जी केवल वार्ड नंबर 77 को बचाने में कामयाब रहीं, जबकि बाकी के सभी 7 वार्डों में भाजपा ने एकतरफा बढ़त हासिल की।
Impact of Minority Voters and Electoral Roll Controversies
अपनी इस अप्रत्याशित हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर बड़े सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एसआईआर (SIR) के नाम पर भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से लगभग 55,000 मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से काट दिए गए। ममता बनर्जी के मुताबिक, हटाए गए इन नामों में से करीब 23% मतदाता मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जो पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस के सबसे पक्के और वफादार वोटर माने जाते हैं। यही वजह है कि मुस्लिम बहुल आबादी वाला वार्ड नंबर 77 ही पूरी विधानसभा में एकमात्र ऐसा इलाका रहा, जहाँ ममता बनर्जी अपनी बढ़त बचाने में कामयाब हो सकीं।