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राजस्थान पत्रिका डॉट कॉम, अख़बार, पुरस्कार और इसकी जर्नी पर विस्तृत खबर

राजस्थान पत्रिका डॉट कॉम, अख़बार, पुरस्कार और इसकी जर्नी पर विस्तृत खबर

जयपुर। राजस्थान पत्रिका राष्ट्रिय न्यूज़ एजेंसी है। राजस्थान पत्रिका खबर को लोग भरोसे वाली न्यूज़ का प्रतिक मानते हैं। राजस्थान में इस अखबार की साख आज देखने लायक है। हर कोई थड़ी ठेले से लेकर बड़े बंगलों में यह अखबार देखने को मिल जाएगा। अखबार की लेखन शैली भी अच्छे पढ़ें लिखों के अमझ आने वाली है। चवन्नी और टपोरी टाइप की भाषा का राजस्थान पत्रिका में इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसकी खबरें सटीक और ताजा तरीन तो होती ही हैं, साथ ही बेहद दिलचस्प भी होती है। एक खबर करने के बाद उसके पीछे लग जाना और जड़ तक पहुंचना इसकी खूबसूरती है। राजस्थान पत्रिका में संपादक की लेखनी ही खबर की ताकत और उसकी रिसर्च के चलते सटीकता को बनाती है। हर एक खबर तथ्यात्मक होती है। संपादक के नाम लिखे गए पत्र का जवाब भी यहां समय से दिया जाता है। हाई कोर्ट भी rajasthanpatrika.com और अख़बार की खबर को जनहित याचिका मानकर संज्ञान लेता है।

राजस्थान पत्रिका की शुरुआत कब और कैसे हुई

राजस्थान पत्रिका राजस्थानी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इसकी शुरुआत बहुत ही छोटे से स्तर पर हुई थी। कर्पूर चंद्र कुलिश ने 1956 में इस अख़बार की थी की शुरुआत छोटी सी प्रेस से की। 1956 में राजस्थान पत्रिका की स्थापना के बाद इसे बड़े स्तर पर 9 अन्य राज्यों में प्रकाशित किया जाने लगा। IRS की सर्वेक्षण 2013 सूची में राजस्थान पत्रिका भारत में चौथा सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला अख़बार बना। 7 मार्च 1956 को राजस्थान पत्रिका की स्थापना से लेकर अब तक यह कारवां आगे चलता ही जा रहा है।

राजस्थान पत्रिका के संपादक कौन है

राजस्थान पत्रिका की स्थापना के साथ ही कर्पूर चंद्र कुलिश पहले संपादक थे। राजस्थान पत्रिका को विभिन्न राज्यों में पत्रिका के नाम से लांच किया गया। patrika.com वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफार्म पर rajasthanpatrika.com पर भी काम किया जा रहा है। देश में सटीक खबरों के लिए सबसे भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल हैं। वर्तमान पत्रिका के वरिष्ठ संपादक गुलाब कोठारी हैं। संपादक भुवनेश जैन हैं।

राजस्थान पत्रिका के कुल संस्करण

राजस्थान पत्रिका का विस्तार देश के हर एक हिंदी भाषी राज्यों में है। नई दिल्ली और छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु में मुद्रित होते हैं।

पत्रिका टेलीविजन
राजस्थान पत्रिका ने अपने टीवी चैनल की शुरुआत 9 जून 2015 की थी। हालांकि यह ज्यादा समय तक नहीं चला। अभी यूट्यूब पर ही पत्रिका का फोकस है।

करपूर चंद्र कुलिश अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार

दुनिया भर में पुरस्कार की श्रेणी में राजस्थान पत्रिका का पुरस्कार अव्वल दर्जे पर है। 2007 में, राजस्थान पत्रिका ने कर्पूर चंद कुलिश की स्मृति में अवार्ड की घोषणा की थी। कर्पूर चंद्र कुलिश अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार के लिए दुनिया भर से श्रेष्ठ पत्रकार चुने जाते हैं। इस पुरस्कार में 11,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और एक ट्रॉफी दी जाती है।

राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ संपादक और श्रेष्ठ रिपोर्टर

राजस्थान पत्रिका में एक से बढ़कर एक पत्रकार हैं। अपनी ईमानदारी और जनहित को ध्यान में रखकर पत्रकारिता करने वालों की कमी नहीं है। भुवनेश जैन, राजीव तिवारी और संदीप पुरोहित जैसे श्रेष्ठ पत्रकारों ने छाप छोड़ रखी है। गोविन्द चतुर्वेदी, अमित वाजपेयी, निरंजन कंजोलिया, दौलत सिंह जैसे बड़े पत्रकार अभी भी सेवाएं दे रहे हैं। पत्रकार कभी सेवानिवृत नहीं होता। ये अपनी लेखनी को अंत समय तक काम में लेते हैं।

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gajendra sharma

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