जमवारामगढ़। जयपुर में बारिश अक मौसम आते ही लोग सैर करने निकल जाते हैं। मानसून आने से पहले प्रशासन जाग जाता है और बारिश जाने के बाद गहरी नींद में सो जाता है। बारिश के समय ही रामगढ़ बांध को भरने की कवायद चलती है। बारिश के बाद कोई याद नहीं करता। जमवारामगढ़ क्षेत्र में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। श्री लक्ष्मीनारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट और टीम सुमन मीणा (TSM) के संयुक्त तत्वावधान में ‘पेड़ लगाओ – जीवन बचाओ अभियान 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मुहिम में सैकड़ों स्थानीय निवासियों, किसानों और पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को एक आंदोलन का रूप देना है।
अभियान के तहत कानड़ियावाला, ड्योड़ा डूंगर, झोल, आरवाड़ी, भावपुरा, मानोता, बूज, सरजोली और खरकड़ा सहित अनेक गाँवों में पौधारोपण किया गया। इसके अतिरिक्त, माता जी की ढाणी, श्री गंगा मंदिर और सीताराम मंदिर जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान आमजन को निशुल्क पौधे भी वितरित किए गए ताकि हर घर में हरियाली का संदेश पहुँच सके।
राजस्थान मानवाधिकार आयोग के सदस्य डॉ. अशोक गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज लगाया गया एक छोटा पौधा आने वाले समय में हजारों लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन और छाया प्रदान करेगा। ट्रस्ट के संरक्षक और आईएएस अधिकारी डॉ. हर सहाय मीणा ने सुझाव दिया कि यदि प्रत्येक परिवार हर मानसून में केवल दो पौधों की जिम्मेदारी ले, तो पूरा राजस्थान हरा-भरा हो सकता है।
ट्रस्ट अध्यक्ष और पंचायत समिति सदस्य सुमन मीणा ने युवाओं और मातृशक्ति के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलाव सरकारी प्रयासों से अधिक समाज की भागीदारी से आता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को पाँच संकल्प दिलाए, जिनमें नियमित देखभाल, बच्चों को प्रकृति से जोड़ना और हर शुभ अवसर पर एक पौधा लगाना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेड़ लगाना सरल है, लेकिन उसे वृक्ष के रूप में विकसित करना ही सच्ची सेवा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से अपने गाँवों को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।