Gold Purchase Rules: देश में सोने की बढ़ती कीमतों और निवेश को लेकर बढ़ती दिलचस्पी के बीच एक सवाल लगातार चर्चा में है कि आखिर भारत में कोई व्यक्ति कितना सोना खरीद सकता है? क्या सरकार ने सोना खरीदने की कोई सीमा तय की है? बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि भारतीय कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता और आय के हिसाब से जितना चाहे उतना सोना खरीद सकता है. लेकिन इसके साथ कुछ जरूरी नियम और टैक्स संबंधी शर्तें जरूर जुड़ी हुई हैं. आइए जानते हैं कि आखिर भारत में सोना खरीदने की क्या-क्या शर्ते है…
Cash में सोना खरीदने पर सबसे सख्त नियम
भारत में सोना खरीदने पर सबसे कड़े नियम नकद लेन-देन को लेकर लागू होते हैं. आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत एक दिन में ₹2 लाख या उससे अधिक का नकद लेन-देन प्रतिबंधित है.
इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति ₹2 लाख से ज्यादा का सोना खरीदना चाहता है तो उसे भुगतान बैंकिंग या डिजिटल माध्यम से करना होगा. हालांकि ₹2 लाख से कम की खरीदारी पर ग्राहक नकद भुगतान कर सकते हैं और इसके लिए पैन कार्ड या फिर आधार कार्ड देने की जरूरत भी नहीं.
₹2 लाख से ज्यादा की खरीद पर KYC अनिवार्य
अगर खरीदे जा रहे सोने की कीमत ₹2 लाख से ज्यादा है तो ग्राहक को पैन या आधार जैसे KYC दस्तावेज जमा करना अनिवार्य हो जाता है. इस नियम में इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि भुगतान नकद हुआ है या डिजिटल माध्यम से. सरकार ने यह व्यवस्था काले धन पर रोक लगाने और बड़ी खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू की है.
भारतीय कानून किसी व्यक्ति द्वारा खरीदे जाने वाले सोने की कुल मात्रा पर कोई सीधी सीमा तय नहीं करता. यानी कोई भी व्यक्ति कानूनी तौर पर किलो के हिसाब से भी सोना खरीद सकता है. लेकिन एक शर्त बेहद अहम है और वो है कि खरीदार के पास उसकी आय और धन के स्रोत का वैध रिकॉर्ड होना चाहिए. भविष्य में आयकर विभाग या किसी जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ होने पर व्यक्ति को यह बताना पड़ सकता है कि सोना खरीदने के लिए पैसा कहां से आया.
आजकल डिजिटल गोल्ड में निवेश का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. फिलहाल भारत में डिजिटल गोल्ड खरीदने की कोई आधिकारिक कानूनी सीमा तय नहीं है, लेकि